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Diwali 2024: ’14 वर्षों नहीं, 500 वर्षों बाद पूरी हो रही प्रतीक्षा’, जानें पीएम मोदी ने इस दीपावली को क्यों बताया खास

Diwali 2024: नौवें आयुर्वेद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस और धन्वंतरि जयंती की शुभकामनाएं दीं।

Diwali 2024: नौवें आयुर्वेद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस और धन्वंतरि जयंती की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने अयोध्या धाम की विशेष चर्चा की, बताते हुए कहा कि इस वर्ष की दीपावली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि यह दीपावली इसलिए विशेष है क्योंकि 500 साल बाद रामलला की जन्मभूमि पर बने मंदिर में हजारों दीप जलाए जाएंगे।

‘500 वर्षों बाद पूरी हो रही प्रतीक्षा’

पीएम मोदी ने इसे एक अद्भुत उत्सव बताया और कहा कि यह दीपावली हमारे राम के अपने घर वापस आने का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर को यादगार बताया, क्योंकि यह 14 वर्षों की प्रतीक्षा नहीं, बल्कि 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद हो रहा है। उनके इस संदेश ने अयोध्या में होने वाले समारोहों और दीपावली के उत्सव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

आरोग्य ही सबसे बड़ा भाग्य और धन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस के दिन समारोह को भारतीय संस्कृति के जीवन-दर्शन का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल एक संयोग नहीं है, बल्कि सौभाग्य और स्वास्थ्य का उत्सव है। उन्होंने उल्लेख किया कि हमारे ऋषियों ने कहा है, “आरोग्यम परमं भाग्यं,” यानी आरोग्य ही सबसे बड़ा भाग्य और धन है।

150 से अधिक देशों में मनाया जा रहा आयुर्वेद दिवस

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि आज 150 से अधिक देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है, जो आयुर्वेद के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण का प्रमाण है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि नया भारत अपने प्राचीन अनुभवों के माध्यम से विश्व को मूल्यवान योगदान दे सकता है। यह संदेश आयुर्वेद के महत्व को उजागर करता है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्वास्थ्य नीति के पांच स्तंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्रगति के लिए आवश्यक मानते हुए केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीति के पांच स्तंभों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब एक देश के नागरिक स्वस्थ होंगे, तो उस देश की प्रगति की गति भी तेज होगी। यह स्वास्थ्य नीति भारत के नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास है। इन पांच स्तंभों में शामिल हैं:

  • प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: बीमारी के होने से पहले उसके बचाव पर ध्यान केंद्रित करना।
  • समय पर बीमारी की जांच: स्वास्थ्य समस्याओं का समय पर निदान करना।
  • मुफ्त और सस्ता इलाज: सभी के लिए सस्ती दवाएं और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना।
  • छोटे शहरों में अच्छा इलाज: छोटे शहरों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और डॉक्टरों की कमी को दूर करना।
  • स्वास्थ्य सेवा में टेक्नोलॉजी का विस्तार: स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना।

‘आयुष्मान भारत योजना’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ की सराहना करते हुए बताया कि सरकार ने गरीबों के इलाज के खर्च को 5 लाख रुपये तक उठाने का निर्णय लिया है। इस योजना से लगभग 4 करोड़ गरीब परिवारों ने लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च सुनते ही गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी समस्या हो जाती थी, जिसके कारण उन्हें अपने घर, जमीन, और गहनों को बेचना पड़ता था। इस प्रकार की बेबसी को देखकर वह चिंतित थे, और यही कारण था कि ‘आयुष्मान भारत योजना’ का निर्माण किया गया।

70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मिलेगा मुफ्त इलाज

इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा और उन्हें ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ दिया जाएगा। इस कार्ड के माध्यम से बुजुर्गों के इलाज की चिंता कम होगी, जिससे परिवार के खर्चे भी घटेंगे और उनके लिए एक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा का प्रावधान होगा। प्रधानमंत्री ने इसे एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह योजना बुजुर्गों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

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