Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार सुबह शहर की हवा ‘सीवियर’ कैटेगरी में पहुंच गई, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 को तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में लागू कर दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI सुबह 10 बजे 401 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है।
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Delhi Pollution: AQI में तेज उछाल के कारण
शुक्रवार शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 349 (वेरी पुअर) था, लेकिन रात भर कम हवा की रफ्तार, स्थिर वायुमंडल और प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रदूषक तत्व फैल नहीं सके। परिणामस्वरूप, सुबह तक AQI 401 तक पहुंच गया। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज हुआ, जिनमें वजीरपुर (445), विवेक विहार (444), जहांगीरपुरी (442), आनंद विहार (439), अशोक विहार और रोहिणी (437) प्रमुख हैं। कुल 21 स्टेशन ‘सीवियर’ कैटेगरी में रहे।
Delhi Pollution: GRAP-3 के तहत सख्त प्रतिबंध
CAQM की सब-कमिटी ने GRAP स्टेज-1 और 2 के साथ-साथ स्टेज-3 के सभी उपाय लागू करने का फैसला लिया। मुख्य प्रतिबंधों में शामिल हैं:
गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्ण रोक।
ईंट भट्ठों, खनन और पत्थर क्रशिंग मशीनों पर प्रतिबंध।
डीजल जेनरेटर सेट के उपयोग पर रोक (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर)।
औद्योगिक इकाइयों में अनअप्रूव्ड ईंधन के इस्तेमाल पर सख्ती।
सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव और मैकेनाइज्ड स्वीपिंग अनिवार्य।
आवश्यक परियोजनाओं जैसे मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट, हाईवे, स्वास्थ्य और स्वच्छता कार्यों को सशर्त छूट दी गई है। विकलांगों के वाहन, हाइब्रिड वाहन और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
Delhi Pollution: प्रदूषण के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने से निकला धुआं, कम हवा की गति, बढ़ते वाहन और निर्माण कार्य मुख्य जिम्मेदार हैं। क्लाइमेट चेंज की वजह से मौसम पैटर्न बदल रहे हैं, जिससे ठंड और धुंध बढ़ रही है। दिल्ली की भौगोलिक स्थिति प्रदूषकों को फंसाए रखती है।
Delhi Pollution: स्वास्थ्य पर गंभीर असर
‘सीवियर’ AQI में सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, सिरदर्द और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई है। मास्क पहनना और बाहर निकलने से बचना जरूरी है। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की स्थिति
दिल्ली सरकार और एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं। एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव बढ़ाया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से रविवार तक स्थिति ऐसी ही रह सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय सहयोग और लंबे उपायों जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, स्टबल बर्निंग रोकने से ही स्थायी समाधान संभव है।
यह सर्दी का पहला बड़ा प्रदूषण संकट है, जो दिल्लीवासियों के लिए चुनौती बन गया है। उम्मीद है कि सख्त कदमों से जल्द राहत मिलेगी।
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