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Friday, October 23, 2026
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Commonwealth Games: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन, भारत को मिली 2030 की मेजबानी की कमान

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रंगारंग समापन भारत के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बन गया। 11 दिनों तक ग्लास्गो में धमाकेदार आयोजन के बाद स्कॉटलैंड ने आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और बैटन भारत को सौंप दिया। अब दुनिया की नजरें 2030 के शताब्दी संस्करण पर होंगी, जिसकी मेजबानी अहमदाबाद करेगा। अहमदाबाद 2030 की मेजबानी के साथ भारत इतिहास भी रचेगा। भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद ऐसा दूसरा देश बनेगा जो एक से अधिक बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन किया था।

क्लोजिंग सेरेमनी में भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक सोच और परंपराओं की ऐसी झलक पेश की, जिससे पूरा स्टेडियम तालियों से गूंजा उठा। इस सेरेमनी के अंत में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि और ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग प्रिंस एडवर्ड ने आधिकारिक रूप से ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन की घोषणा की। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स का कारवां अब भारत की ओर बढ़ चुका है, जहां 2030 में CWG गेम्स के 100 साल पूरे होने का ऐतिहासिक जश्न मनाया जाएगा।

भारत को मिला कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज

क्लोंजिग सेरेमनी में बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक थी, जिन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। औपचारिक तौर पर ध्वज सौंपने का कार्यक्रम कॉमनवेल्थ गेम्स के ध्वज की पूरे परिसर में सांकेतिक यात्रा के साथ शुरू हुआ। स्कॉटलैंड और भारत के ध्वज वाहकों की अगुवाई में जुलूस ने गेम्स के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा। इसके बाद ग्लास्गो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इसे कॉमनवेल्थ गेम्स स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, स्कॉटिश नेटबॉल खिलाड़ी एमिली निकोल, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ.डोनाल्ड रुकारे, दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और आखिर में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा। इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई। इसके बाद से समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत के जश्न में डूब गया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में भारतीय और स्कॉटिश कलाकारों ने संयुक्त प्रस्तुति देकर दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी की खूबसूरत झलक भी दिखाई।

भारतीय दल ने किया शानदार प्रदर्शन

भारत ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दुनिया को अहमदाबाद आने का निमंत्रण दिया। इसमें भारतीय दर्शन, लोक संस्कृति और आधुनिक भारत की झलक को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति केवल मेजबानी का हस्तांतरण नहीं थी, बल्कि 2030 में होने वाले शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के विजन का भी परिचय थी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बात करें तो भारत के लिए ग्लास्गो अभियान बेहद सफल रहा। भारतीय दल ने कुल 39 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9  ब्रॉन्ज मेडल  शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा।

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