40.6 C
New Delhi
Sunday, June 14, 2026
Homeदेश94 साल में पहली बार: IMA पासिंग आउट परेड में महिला कैडेट्स...

94 साल में पहली बार: IMA पासिंग आउट परेड में महिला कैडेट्स का ऐतिहासिक कदम, सेना को मिलीं 9 नई महिला अफसर

भारतीय सैन्य अकादमी यानी आईएमए की पासिंग आउट परेड इस बार ऐतिहासिक रही और ऐतिहासिक इस लिहाज से रही क्योंकि आईएमए के 94 साल के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेटों के साथ “अंतिम पग” पार कर भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी बनी. यूं तो भारतीय सेना या फिर भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी कोई नई बात नहीं है. लेकिन भारतीय सैन्य अकादमी के एक लंबे सैन्य इतिहास में 13 जून 2026 का दिन उसे बात का साक्षी बना जब चैटवुड बिल्डिंग के आगे महिला कैडेट पुरुष कैडेट के साथ ड्रिल स्क्वायर में कदमताल किया.

भारतीय सैन्य अकादमी का गठन 1 अक्टूबर, 1932 को हुआ था. तब से लेकर आज तक लगभग 9 दशक तक  पुरुष कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनकर देश की सेवा करते रहे हैं. करीबन 65 हजार से ज्यादा भारतीय सैन्य अकादमी ने भारतीय सेना को  जांबाज सैन्य अधिकारी दिए. भारतीय सैन्य अकादमी सिर्फ देश में नहीं बल्कि दुनिया में अपनी ट्रेनिंग के लिए जानी जाती है. यहां न सिर्फ देश के युवाओं को सैन्य अधिकारी बनने की ट्रेनिंग मिलती है. बल्कि मित्र देशों के जवानों को भी यहां भारतीय युवाओं के साथ सैन्य अधिकारी बनने की ट्रेनिंग मिलती है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली

13 जून, 2026 का दिन इंडियन आर्मी में एक ऐसा पल का गवाह बना. जिसमें भारतीय सैन्य अकादमी से इस बार न सिर्फ पुरुष कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनेंगे बल्कि 9 महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनीं. आईएमए की पासिंग आउट परेड में इस बार 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स पास आउट हुए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली.

एक साल तक की कड़ी ट्रेनिंग

दरअसल अगस्त 2022 में एनडीए में महिला कैडेट्स के पहले बैच ने प्रवेश लिया और 3 साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद साल 2025 के मई महीने में 18 महिला कैडेट्स ग्रेजुएट हुई जिसमें से 9 महिला कैडेट्स ने इंडियन आर्मी में ज्वाइन होने का फैसला लिया. देहरादून के इंडियन मिलिट्री अकादमी में करीब 1 साल की कड़ी ट्रेनिंग ली. साल 1992 में पहली बार महिलाओं को चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त अन्य शाखाओं में शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से अधिकारी बनने का अवसर मिला था.

सेना में महिलाओं की भागीदारी का इतिहास पुराना है. लेकिन इस बार आईएमए से सैन्य अधिकारी बनकर पास आउट होना एक बहुत बड़ा बदलाव है. इससे पहले महिलाएं मुख्य रूप से चेन्नई स्थित ओटीए यानी ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी,आर्म्स फोर्स मेडिकल सर्विस, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के जरिए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रही है. इस बार की पासिंग आउट परेड में पहली बार महिला कैडेट पुरुषों  के साथ “अंतिम पग” पार कर भारतीय सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त करेंगी. यह केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि भारतीय समाज, सेना और महिलाओं की बदलती भूमिका का प्रतीकात्मक क्षण भी है.

RELATED ARTICLES
New Delhi
clear sky
40.6 ° C
40.6 °
40.6 °
20 %
1.1kmh
0 %
Sun
41 °
Mon
42 °
Tue
41 °
Wed
42 °
Thu
42 °

Most Popular