देश की राजधानी दिल्ली में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से लोगों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए 25 सबसे बड़े और व्यस्त चौराहों से ट्रैफिक सिग्नल (traffic signal) हटाकर वहां यू-टर्न आधारित (U-Turn Based) ट्रैफिक सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और बिना बार-बार लालबत्ती पर रुके यातायात का प्रवाह बनाए रखना है। इस प्रणाली में वाहनों को सीधे सिग्नल पर रोकने के बजाय निर्धारित यू-टर्न और सुव्यवस्थित मार्गों के जरिए गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की नई यू-टर्न आधारित ट्रैफिक प्रबंधन योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे लागू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। योजना को आने वाले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से राजधानी के विभिन्न हिस्सों में लागू किया जाएगा। संबंधित विभाग चयनित चौराहों पर तकनीकी सर्वे, यातायात विश्लेषण और आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास कर रहे हैं।
नए सिस्टम से नहीं लगेंगी वाहनों की लंबी कतारें
नई यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों को किसी भी चौराहे पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन वाहन चालकों को अपनी दिशा बदलनी होगी, उनके लिए चौराहे से कुछ दूरी आगे निर्धारित स्थानों पर यू-टर्न की सुविधा विकसित की जाएगी। वाहन वहां से यू-टर्न लेकर आसानी से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का प्रवाह बिना किसी रुकावट के लगातार बनाए रखना है। चौराहों पर सिग्नल या मोड़ के कारण होने वाली भीड़ कम होगी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी और यात्रा का समय भी घटेगा। साथ ही, ट्रैफिक जाम में कमी आने से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
ट्रैफिक जाम कम करने के लिए लिया फैसला
सरकार और ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि इस नई यातायात व्यवस्था के लागू होने के बाद दिल्ली की सड़कों की तस्वीर काफी हद तक बदल जाएगी। इसका उद्देश्य चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाना और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से लोगों को बार-बार सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और वाहन बिना रुकावट के अपनी औसत गति बनाए रख सकेंगे। लगातार चलने से ईंधन की खपत में भी कमी आएगी, जिससे वाहन चालकों का खर्च घटेगा।
फ्लाईओवर की जगह बदलेगी चौराहों की डिजाइन
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में जगह की कमी और अन्य ढांचागत चुनौतियों के कारण नए फ्लाईओवर बनाना व्यावहारिक नहीं रह गया है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च कर नए फ्लाईओवर बनाने के बजाय मौजूदा चौराहों की डिजाइन में बदलाव कर यातायात को अधिक सुचारु बनाने की रणनीति अपनाई गई है। इस नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक का प्रवाह बिना रुकावट जारी रहेगा, जिससे चौराहों पर जाम की स्थिति काफी हद तक कम होगी।
