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Thursday, August 20, 2026
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Summer Fever Alert: तेज गर्मी में बुखार के संकेत समझें, वरना हो सकता है बड़ा खतरा

Summer Fever Alert: गर्मियों में आने वाला बुखार अक्सर सामान्य वायरल कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. घरों और क्लीनिकों में हर साल यही पैटर्न देखने को मिलता है कि बुखार, शरीर में दर्द और थकान, और फिर इसे हल्का समझकर छोड़ दिया जाता है. ज्यादातर मामलों में यह सही भी होता है, लेकिन हर बार नहीं. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉक्टर ने बताया  कि गर्मियों में ऐसे कई मामले आते हैं जिन्हें सीधे वायरल मान लिया जाता है, जबकि उनमें कुछ और गंभीर छिपा हो सकता है. असल चिंता यहीं से शुरू होती है. क्योंकि जब मलेरिया जैसे संक्रमण को साधारण बुखार समझ लिया जाता है, तो इलाज में देरी हो जाती है और स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ सकती है, सामान्य बुखार आमतौर पर तीन से चार दिनों में आराम, तरल पदार्थ और बुनियादी देखभाल से ठीक हो जाता है, लेकिन हर बुखार ऐसा नहीं होता.

किस बात का आपको रखना चाहिए ध्यान?

वे बताते हैं कि कुछ बुखार लंबे समय तक बने रहते हैं, कुछ रुक-रुक कर आते हैं, और कुछ के साथ तेज ठंड लगना महसूस होता है. ये कोई सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि संकेत हैं. भारत सरकार के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार, मलेरिया के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है. अक्सर लोग बुखार को सिर्फ शरीर के तापमान से जोड़कर देखते हैं, जबकि शरीर और भी संकेत देता है. अचानक ठंड लगना, फिर तेज बुखार आना और उसके बाद पसीना आना यह एक खास तरह का क्रम होता है. डॉ. संदीप बताते हैं कि ठंड और पसीना सिर्फ बुखार का हिस्सा नहीं, बल्कि एक अहम संकेत हो सकता है.

थकान भी अहम संकेत

थकान भी एक अहम संकेत है. सामान्य थकान और इस तरह की कमजोरी में फर्क होता है. कभी-कभी यह इतनी ज्यादा होती है कि छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लगते हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, मलेरिया शरीर के रेड ब्लड सेल्स को प्रभावित करता है, जिससे एनर्जी स्तर पर असर पड़ता है और थकान बढ़ जाती है. कई लोग यह सोचकर इंतजार करते हैं कि दो-तीन दिन में बुखार अपने आप ठीक हो जाएगा. हल्के मामलों में यह तरीका ठीक हो सकता है, लेकिन अगर बुखार इससे ज्यादा समय तक बना रहे, तो जांच जरूरी हो जाती है. साधारण खून की जांच से मलेरिया जैसे संक्रमण का जल्दी पता लगाया जा सकता है,

कैसे फैलती हैं ये बीमारियां?

गर्मी और बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसे कई इंफेक्शन एक साथ फैलते हैं. शुरुआती लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं, हल्का बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द. यही समानता भ्रम पैदा करती है और हर बुखार को वायरल मान लेना आसान रास्ता बन जाता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है. बचाव के लिए जरूरी है कि बुखार के व्यवहार पर ध्यान दिया जाए, सिर्फ तापमान पर नहीं. अगर बुखार दो-तीन दिन से ज्यादा बना रहे, ठंड और पसीने का पैटर्न दिखे या असामान्य थकान हो, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. इसके साथ ही, आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें.

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