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Monday, June 1, 2026
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Heart Attack vs Cardiac Arrest: क्या है दोनों में फर्क? जानें लक्षण, कारण और बचाव

Heart Attack vs Cardiac Arrest: कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसको लेकर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं. उन्हीं में से एक है हार्ट से जुड़ी दो गंभीर स्थितियां, हार्ट अटैक और सडन कार्डियक अरेस्ट, यह अक्सर लोगों को एक जैसी लगती हैं, लेकिन असल में दोनों बिल्कुल अलग होती हैं. आसान भाषा में समझें तो हार्ट अटैक ब्लड के फ्लो  से जुड़ी समस्या है, जबकि कार्डियक अरेस्ट दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी का नतीजा होता है.

क्या होता है हार्ट अटैक?

हार्ट के बारे में जानकारी देने वाली संस्था अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी आर्टरीज में ब्लॉकेज हो जाता है. इस वजह से दिल के एक हिस्से तक खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. अगर समय रहते ब्लॉकेज नहीं हटाया गया, तो उस हिस्से की मांसपेशियां धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं हार्ट अटैक के लक्षण कई बार अचानक और तेज हो सकते हैं, लेकिन कई मामलों में यह धीरे-धीरे भी शुरू होता है, जैसे सीने में हल्का दर्द, दबाव, सांस लेने में तकलीफ या थकान. खास बात यह है कि हार्ट अटैक के दौरान दिल धड़कना बंद नहीं करता. महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग भी हो सकते हैं, इसलिए अक्सर इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है.

क्या होता है सडन कार्डियक अरेस्ट?

सडन कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है और कई बार बिना किसी चेतावनी के सामने आता है. इसमें दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाला इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे दिल अनियमित तरीके से धड़कने लगता है या पूरी तरह रुक जाता है. ऐसी स्थिति में दिल शरीर के जरूरी अंगों जैसे दिमाग और फेफड़ों तक खून नहीं पहुंचा पाता. इसमें व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है, पल्स नहीं मिलती और अगर कुछ ही मिनटों में मदद न मिले, तो जान जाने का खतरा होता है.

दोनों के बीच क्या कनेक्शन है?

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट आपस में जुड़े हो सकते हैं. कई बार हार्ट अटैक के दौरान या उसके बाद कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. हालांकि, हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट में नहीं बदलता.लेकिन यह जरूर है कि हार्ट अटैक से कार्डियक अरेस्ट का जोखिम बढ़ जाता है. इसके अलावा, दिल से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हार्ट रिद्म को बिगाड़कर कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती हैं.

हार्ट अटैक की स्थिति में क्या करें?

अगर हार्ट अटैक का शक हो, तो बिना समय गंवाए तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें. हर मिनट कीमती होता है। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचना बेहतर होता है, क्योंकि मेडिकल टीम रास्ते में ही इलाज शुरू कर सकती है और अस्पताल में भी जल्दी उपचार मिल पाता है.

कार्डियक अरेस्ट में क्या करें?

सडन कार्डियक अरेस्ट जानलेवा स्थिति है और तुरंत कार्रवाई जरूरी होती है. ऐसे में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर देना जीवन बचा सकता है. समय पर सीपीआर मिलने से व्यक्ति के बचने की संभावना दोगुनी या तिगुनी तक हो सकती है. हार्ट से जुड़ी इन दोनों स्थितियों का फर्क समझना बेहद जरूरी है. सही समय पर पहचान और तुरंत मदद ही जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाती है.

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