Train Rules Update: अगर आप छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, चांपा, कोरबा या अंबिकापुर जैसे रेलवे स्टेशनों से नियमित यात्रा करते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए महत्वपूर्ण है। रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट जांच स्टाफ (TTE) के अधिकारों का विस्तार करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब रेलवे परिसर या ट्रेन में नियमों का उल्लंघन करने पर लंबी कानूनी प्रक्रिया की बजाय मौके पर ही जुर्माना लगाया जा सकेगा। यह नियम छत्तीसगढ़ सहित देशभर के सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर लागू होंगे, जिससे अनुशासन और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
रेल मंत्रालय ने बढ़ाए RPF और TTE के अधिकार
जन विश्वास अधिनियम के तहत लागू नई व्यवस्था के अनुसार ASI रैंक से ऊपर के RPF अधिकारी कई मामलों में सीधे जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत होंगे। पहले ऐसे मामलों में एफआईआर या प्रकरण दर्ज कर आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता था, लेकिन अब कई छोटे मामलों का निपटारा मौके पर ही किया जा सकेगा। वहीं TTE को भी अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। अब वे केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर भी लागू होंगे नए नियम
रेल मंत्रालय के ये नए नियम देशभर की तरह छत्तीसगढ़ के सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी लागू होंगे। ऐसे में रायपुर रेल मंडल और बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।
इन मामलों में लगेगा तुरंत जुर्माना
नए नियमों के तहत रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, रेलवे लाइन पार करना, अवैध वेंडिंग, महिला कोच या दिव्यांग कोच में नियमों के विरुद्ध यात्रा, स्टेशन परिसर में धूम्रपान, गंदगी फैलाना, अवैध पार्किंग और प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ यात्रा करने पर ₹500 से ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
न्यूनतम जुर्माना भी बढ़ा
रेल मंत्रालय ने रेलवे नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे रेलवे परिसरों में स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन बेहतर होगा।
यात्रियों को होगा फायदा
नई व्यवस्था के तहत छोटे मामलों में यात्रियों को अदालत या लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। रेलवे का कहना है कि इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के रेलवे स्टेशनों पर यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेगी।
