Petrol Diesel Crisis: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित होने के बाद हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि 300 से ज्यादा पंपों पर फ्यूल की कमी की स्थिति सामने आई है। लोगों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि आने वाले दिनों में ईंधन संकट और गहरा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की अपील और वीआईपी काफिलों में कटौती की चर्चा के बाद लोगों में घबराहट बढ़ी, जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया।
CM साय की अपील के बाद बढ़ी चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में ईंधन संरक्षण और ऊर्जा संकट को देखते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया था। उन्होंने मंत्रियों, अधिकारियों और आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। सीएम की इस पहल को सकारात्मक कदम माना गया, लेकिन इसके बाद प्रदेश में फ्यूल उपलब्धता को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कई जिलों में लोगों ने इसे संभावित संकट का संकेत मानते हुए पहले से ज्यादा फ्यूल खरीदना शुरू कर दिया।
रायपुर में कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ स्टॉक
राजधानी रायपुर में बुधवार देर रात तक कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। हालात ऐसे बन गए कि कई पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। गुरुवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंचे। सबसे ज्यादा असर सरोना, भाठागांव, विधानसभा रोड, देवेंद्र नगर और जयस्तंभ चौक जैसे इलाकों में देखने को मिला। एचपी और इंडियन ऑयल के कई पंपों पर समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। कुछ पंप संचालकों ने सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल देना शुरू कर दिया।
बस्तर और ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ी परेशानी
फ्यूल सप्लाई प्रभावित होने का असर सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहा। बस्तर संभाग और ग्रामीण क्षेत्रों से भी पेट्रोल पंप बंद होने और सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। कई गांवों में वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को बिना फ्यूल के वापस लौटना पड़ा। परिवहन सेवाओं और छोटे व्यवसायों पर भी इसका असर पड़ने लगा है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, जमाखोरी पर सख्ती
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही ईंधन का वितरण करें। प्रशासनिक टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
