Bijapur Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 17 जनवरी 2026 को सुरक्षा बलों ने माओवादियों को करारा झटका दिया। जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) दिलीप बेड़जा सहित कुल चार माओवादी कैडर मारे गए। इनमें एक महिला कैडर भी शामिल है। यह 2026 की शुरुआत में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो केंद्र सरकार के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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Bijapur Encounter: खुफिया सूचना पर शुरू हुआ संयुक्त अभियान
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर पता चला कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी के DVCM दिलीप बेड़जा और अन्य सशस्त्र माओवादी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसी सूचना पर जिला रिजर्व गार्ड (DRG), CRPF की कोबरा बटालियन और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने सुबह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने रणनीतिक दक्षता और साहस का परिचय दिया। सुबह से ही सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर भीषण फायरिंग जारी रही।
Bijapur Encounter: दोपहर तक दो शव बरामद, शाम को दो और
अभियान के दौरान दोपहर तक मुठभेड़ स्थल से दो माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए। शाम के समय एक और संघर्ष में दो और माओवादी ढेर हुए, जिनमें एक महिला कैडर शामिल थी। इस प्रकार कुल चार माओवादी मारे गए।
Bijapur Encounter: AK-47 और राइफल जैसे हथियार बरामद
मृतकों में से एक की प्रारंभिक पहचान दिलीप बेड़जा के रूप में हुई है, जो नेशनल पार्क एरिया कमेटी का प्रमुख और कई बड़े हमलों में शामिल रहा है। अन्य माओवादियों के भी इसी कमेटी से जुड़े होने की संभावना है, उनकी शिनाख्त जारी है। मुठभेड़ स्थल से AK-47 राइफल, .303 राइफल जैसे ग्रेडेड स्वचालित हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है।
Bijapur Encounter: बस्तर आईजी का बयान: जवानों का अद्वितीय साहस
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में DRG, कोबरा और STF के जवान अनुशासन और रणनीतिक दक्षता से काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने वाली निर्णायक कार्रवाई बताया। पिछले साल (2025) छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ों में 285 नक्सली मारे गए थे। 3 जनवरी 2026 को ही बस्तर क्षेत्र में दो अलग-अलग एनकाउंटर में 14 नक्सली ढेर हुए थे। हाल ही में दर्जनों नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है।
Bijapur Encounter: नक्सलवाद उन्मूलन का लक्ष्य करीब
यह एनकाउंटर केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति का हिस्सा है। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) को खत्म करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते कदम हैं। क्षेत्र में सघन सर्चिंग और घेराबंदी जारी है। अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।
बीजापुर जैसे दुर्गम इलाकों में यह सफलता न केवल सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय आदिवासी समुदायों को भी राहत देगी, जहां नक्सली लंबे समय से आतंक फैला रहे थे।
नक्सलवाद के खिलाफ यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुरक्षा बल अब निर्णायक मोड़ पर हैं और लाल आतंक का अंत नजदीक है।
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