Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए घोषणा की कि आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। यह 1961 के पुराने अधिनियम की जगह लेगा, जिसकी समीक्षा जुलाई 2024 में घोषित की गई थी और रिकॉर्ड समय में पूरी हुई।
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Budget 2026: नए आयकर अधिनियम की शुरुआत
सीतारमण ने कहा, “जुलाई 2024 में मैंने आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी। यह रिकॉर्ड समय में पूरी हुई, और आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म्स को सरल बनाया गया है ताकि सामान्य नागरिक आसानी से अनुपालन कर सकें, जिससे जीवन में आसानी हो।”
नए अधिनियम के तहत आयकर रिटर्न फॉर्म्स को फिर से डिजाइन किया गया है। ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले व्यक्तियों के लिए समय सीमा 31 जुलाई तक रहेगी। गैर-ऑडिट मामलों के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, जिसमें मामूली शुल्क लगेगा।
Budget 2026: करदाताओं को राहत के उपाय
बजट में कई राहतें घोषित की गईं। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा प्राकृतिक व्यक्ति को दिए गए ब्याज को आयकर से मुक्त करने का प्रस्ताव है, जिससे जटिल प्रक्रियाएं खत्म होंगी। छोटे करदाताओं के लिए निल डिडक्शन सर्टिफिकेट की व्यवस्था की जाएगी। बीमा ब्याज पुरस्कारों पर छूट दी जाएगी।
Budget 2026: विदेशी भुगतानों पर टीसीएस में कटौती
व्यक्तियों पर नकदी प्रवाह का दबाव कम करने के लिए विदेशी भुगतानों पर टीसीएस दरों में कमी की गई। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई। ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर 5% और 20% से घटाकर 2% कर दी गई, जिसमें किसी राशि की सीमा नहीं होगी।
Budget 2026: मैनपावर सेवाओं पर टीडीएस स्पष्टता
सीतारमण ने कहा कि मैनपावर सेवाओं की आपूर्ति को ठेकेदारों को भुगतान के दायरे में स्पष्ट रूप से लाया जाएगा ताकि अस्पष्टता दूर हो। इन सेवाओं पर टीडीएस दर 1% या 2% ही होगी।
Budget 2026: विदेशी क्लाउड कंपनियों को टैक्स छूट
बजट में भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे का प्रस्ताव है। इससे भारत को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने में मदद मिलेगी।
Budget 2026: बजट का समग्र संदेश
यह बजट करदाताओं के अनुपालन को आसान बनाने, मध्यम वर्ग की परेशानियों को दूर करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम में बड़ी छूट दी गई थी, जहां 12 लाख तक की आय पर शून्य कर था। इस बजट में स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कई व्यावहारिक राहतें दी गईं।
सीतारमण ने कहा कि सरकार “ट्रस्ट फर्स्ट, स्क्रूटिनाइज लेटर” की नीति पर कायम है। नए अधिनियम से कर प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और करदाता-अनुकूल बनेगी। ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे, जिससे करदाताओं को पर्याप्त समय मिलेगा तैयारी के लिए।
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