32.6 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
Homeबिहारतेज प्रताप का बिहार में नया सियासी दांव: 5 दलों के साथ...

तेज प्रताप का बिहार में नया सियासी दांव: 5 दलों के साथ गठबंधन, RJD को भी न्योता

Tej Pratap Yadav: बिहार की सियासत में एक नया मोड़ लेते हुए, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निष्कासित पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में पांच छोटे राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन की घोषणा की। इस गठबंधन में संयुक्त किसान विकास पार्टी, विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआइपी), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी) और वाजिब अधिकार पार्टी (डब्ल्यूएपी) शामिल हैं। तेज प्रताप ने इस मौके पर राजद और कांग्रेस को भी गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया, लेकिन बीजेपी और जद(यू) के साथ किसी भी गठजोड़ से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, हमारे वैचारिक मतभेद हैं। मैं सामाजिक न्याय के रास्ते से नहीं भटक सकता।

Tej Pratap Yadav: सामाजिक न्याय और विकास का वादा

तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि उनकी राजनीति का आधार जाति नहीं, बल्कि बिहार में रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय है। उन्होंने गठबंधन के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा, हमारा लक्ष्य बिहार में सामाजिक हक, सामाजिक न्याय और संपूर्ण बदलाव लाना है। अगर जनता हमें मौका देती है, तो हम राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जयप्रकाश नारायण के सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सोशल मीडिया पहल ‘टीम तेज प्रताप यादव’ को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। तेज प्रताप ने महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा दोहराई, जहां उन्होंने 2015 में जीत हासिल की थी।

Tej Pratap Yadav: पारिवारिक और राजनैतिक विवाद

तेज प्रताप का यह कदम राजद से उनके निष्कासन के बाद आया है। मई 2025 में एक फेसबुक पोस्ट में तेज प्रताप ने अनुष्का यादव के साथ 12 साल के रिश्ते का दावा किया था, जिसके बाद उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उन्हें गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और पारिवारिक मूल्यों का उल्लंघन का हवाला देकर छह साल के लिए पार्टी और परिवार से निष्कासित कर दिया। तेज प्रताप ने बाद में दावा किया कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हुआ था, लेकिन विवाद ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर उनके और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच फूट डालने की साजिश का आरोप भी लगाया, जिन्हें उन्होंने जयचंद करार दिया।

Tej Pratap Yadav: तेजस्वी को आशीर्वाद, लेकिन दूरी बरकरार

तेज प्रताप ने संवाददाता सम्मेलन में अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को आशीर्वाद देते हुए कहा, मेरे और तेजस्वी के बीच बातचीत नहीं होती, लेकिन मैं उन्हें हमेशा आशीर्वाद देता हूं। अगर वो आज मुझे टीवी पर सुन रहे हैं, तो मैं कहता हूं कि वे आगे बढ़ें। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राह अब अलग है। तेज प्रताप ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, इस बार चाचा नीतीश कुमार की सरकार नहीं बनेगी। उनकी यह टिप्पणी बिहार की सियासत में एक तीसरे मोर्चे की संभावना को दर्शाती है।

बिहार की सियासत में नया समीकरण

तेज प्रताप की इस गठबंधन घोषणा ने बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में नया समीकरण खड़ा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी निर्दलीय उम्मीदवारी और यह गठबंधन, खासकर महुआ जैसे क्षेत्रों में, जहां उनकी लोकप्रियता है, राजद के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है। खासकर यादव समुदाय के बीच उनकी मौजूदगी राजद के लिए चुनौती बन सकती है। तेज प्रताप ने नई पार्टी बनाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा, जनता ही सबसे बड़ी पार्टी है। जहां मैं जाता हूं, वहां भीड़ उमड़ती है।

सामने आयेगी ये चुनौतियां

तेज प्रताप का यह कदम उनकी सियासी पहचान को फिर से स्थापित करने की कोशिश है। हालांकि, उनकी राह आसान नहीं होगी। राजद से अलग होने और परिवार से दूरी ने उनकी स्थिति को जटिल बना दिया है। फिर भी, उनकी ‘टीम तेज प्रताप यादव’ डिजिटल और जमीनी स्तर पर सक्रिय है, जो युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं को लक्षित कर रही है। बिहार की सियासत में तेज प्रताप का यह नया प्रयोग कितना रंग लाएगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।

यह भी पढ़ें:-

‘हम कहते हैं, वे करते हैं’: बिहार में डोमिसाइल नीति लागू, तेजस्वी का नीतीश सरकार पर तंज

RELATED ARTICLES
New Delhi
overcast clouds
32.6 ° C
32.6 °
32.6 °
11 %
3.8kmh
93 %
Thu
32 °
Fri
35 °
Sat
36 °
Sun
37 °
Mon
35 °

Most Popular