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Tuesday, October 6, 2026
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“मैं शहीद होकर मरना चाहता था”, FlyDubai के को-पायलट का बड़ा खुलासा, बताया क्या था पूरा प्लान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमला करने और विमान को क्रैश करने की कथित कोशिश के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इजराइली ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘माको’ के अनुसार, ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने अमीराती जांचकर्ताओं से पूछताछ के दौरान कथित तौर पर कहा कि उसने यह हमला गाजा का बदला लेने के लिए किया था। उसने यह भी कहा कि वह “शहीद होकर मरना चाहता था।”

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमम अल-हम्मामी ने यह कदम अकेले उठाया था या इसके पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन भी शामिल था। इसके लिए उसके फोन, विदेश यात्राओं और संपर्कों की जांच की जा रही है।

कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने का दावा

हमम अल-हम्मामी से जुड़ी यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले साल उसे ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन से उसकी कथित चरमपंथी सोच के चलते हटा दिया गया था।

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में उसके नाम से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इजराइली विमानों के कॉकपिट से जुड़े वीडियो और अल-कायदा से संबंधित लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पहले कहा था कि माना जा रहा है कि को-पायलट इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।

30 सितंबर को फ्लाइट में हुआ था हमला

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में हुई थी। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या इजराइली यात्रियों की बताई गई है। तेल अवीव में लैंडिंग से एक घंटे से भी कम समय पहले को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर हमला कर दिया।

फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, घटना के दौरान विमान कुछ ही सेकंड में 17,000 फीट से अधिक नीचे चला गया। इससे विमान में सवार यात्रियों की जान पर गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला मोर्चा

रिपोर्ट के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार ने को-पायलट के हमले का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद कुछ यात्रियों ने स्थिति को समझते हुए हस्तक्षेप किया और को-पायलट को काबू करने में मदद की।

विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी फ्लाइट का नियंत्रण संभालने में मदद की। इस तरह क्रू और यात्रियों की तत्परता से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

जुलाई में भी हमले की योजना बनाने का दावा

इजराइली मीडिया की रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हमम अल-हम्मामी ने जुलाई में ही हमले की योजना बनाने पर विचार किया था। हालांकि, आखिरी समय में उसने कथित तौर पर अपना इरादा बदल दिया था, क्योंकि वह क्रू के एक सदस्य का दोस्त था।

फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे केवल को-पायलट की व्यक्तिगत विचारधारा थी या उसे किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन से भी मदद मिली थी।

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