नई दिल्ली: कफ सिरप के बढ़ते दुरुपयोग और बिना डॉक्टर की सलाह के इसकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए सरकार ने ड्रग्स रूल्स में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। नए नियम लागू होने के बाद डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है। सरकार का उद्देश्य दवाओं की बिक्री में जवाबदेही सुनिश्चित करना और कफ सिरप के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन यानी OTC के तौर पर बेचे जाने पर रोक लगाने की तैयारी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में बड़ों के लिए निर्धारित कफ सिरप बच्चों को भी दे दी जाती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए दवा बिक्री की प्रक्रिया को और सख्त किया जा रहा है।
लाइसेंसी मेडिकल दुकानों पर CCTV अनिवार्य करने का प्रस्ताव
नए ड्राफ्ट में लाइसेंसी रिटेल मेडिकल दुकानों पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। दुकानों में होने वाली डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की बिक्री की CCTV रिकॉर्डिंग को कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखना होगा।
हालांकि, प्रस्तावित नियमों में थोक दवा कारोबार को शामिल नहीं किया गया है। यह बदलाव ड्रग्स रूल्स, 1945 में प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने ड्राफ्ट नियमों पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से आपत्तियां एवं सुझाव मांगे हैं। इसके लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य दवाओं की बिक्री और सप्लाई की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
कोडीन कफ सिरप की तस्करी पर भी कार्रवाई
कफ सिरप के अवैध कारोबार पर एजेंसियां पहले से कार्रवाई कर रही हैं। बीते 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले में यूपी एसटीएफ ने बांदा जिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की 30 हजार शीशियां अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद करने का दावा किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांदा निवासी धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय तथा हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई थी।
एसटीएफ के मुताबिक, एक अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप की खेप लाकर उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई कर रहा था। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम ने बांदा में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।
