राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए अब शाला दर्पण पोर्टल पर 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। जोधपुर जिले के भोपालगढ़ ब्लॉक के 158 विद्यालयों में यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र से लागू हो गई है। इस कदम से स्कूलों की उपस्थिति प्रणाली में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ग्रीष्मावकाश के बाद जोधपुर के भोपालगढ़ ब्लॉक के 158 सरकारी विद्यालयों में फिर से रौनक लौटी। करीब डेढ़ माह बाद विद्यार्थी दोबारा कक्षाओं में पहुंचे तो उनके दैनिक शेड्यूल में भी बदलाव आया।
शिक्षा विभाग के आदेश जारी
आरपी भागीरथ कड़वासरा ने बताया कि सुबह की प्रार्थना सभा, नियमित कक्षाएं, क्लासवर्क और होमवर्क का सिलसिला फिर शुरू हो गया। वहीं नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन से शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू करते हुए शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की 100% ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक कार्य दिवस पर विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज की जाए।
किसी भी विद्यार्थी, शिक्षक और कार्मिक की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं रहे तथा अवकाश एवं अनुपस्थिति का विवरण भी सही तरीके से अंकित किया जाए। जिला स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी होगी। दरअसल, अब तक कई विद्यालयों में हस्ताक्षर रजिस्टर में उपस्थिति तो दर्ज कर दी जाती है, लेकिन शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति अपडेट करने में लापरवाही बरती जाती है। इससे ऑफलाइन और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर आ जाता है। इसी डेटा मिसमैच के कारण राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर तैयार होने वाले आंकड़े प्रभावित होते थे, साथ ही कई बार योजनाओं के क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग में भी बाधा उत्पन्न होती थी।
संबंधित अधिकारी-कर्मचारी होंगे उत्तरदायी
सीबीईओ सन्तोष ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी किए गए आदेश में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि शाला दर्पण पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना सभी विद्यालयों की जिम्मेदारी होगी। अगर इस कार्य में लापरवाही बरती जाती है या गलत आंकड़े दर्ज किए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसके लिए उत्तरदायी होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विद्यालयों को समय पर डाटा अपडेट करना सुनिश्चित करना होगा ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना न रहे।
