33 C
New Delhi
Monday, August 31, 2026
Homeदेश54 साल बाद NASA का बड़ा मून मिशन, अब एस्ट्रोनॉट्स पर्सनल iPhone से...

54 साल बाद NASA का बड़ा मून मिशन, अब एस्ट्रोनॉट्स पर्सनल iPhone से लेंगे चांद की तस्वीरें

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। आज सुबह 3 बजकर 58 मिनट पर फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से नासा का आर्टेमिस II मिशन लॉन्च हुआ। यह 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा की ओर ले जाने वाला पहला मिशन है। यह मिशन सिर्फ एक उड़ान नहीं है बल्कि मानव के लिए अंतरिक्ष यात्रा के नए युग की शुरुआत है। 1972 में अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चांद के पास पहुंचेंगे। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद के चारों ओर घूमेंगे और वापस आएंगे।

चांद की कक्षा में 1 दिन लगाएगा चक्कर 

यह लैंडिंग मिशन नहीं है लेकिन यह भविष्य में चांद पर उतरने और वहां लंबे समय तक रहने की नींव रखेगा। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडा का एस्ट्रोनॉट चंद्रमा का चक्कर लगाने जा रहे हैं। ये मिशन 10 दिन में पूरा होगा। इस दौरान एस्ट्रोनॉट पूरा एक दिन चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाएंगे और भविष्य में चांद पर मानव मिशन के लिए प्रयोग करेंगे।

पहली बार अंतरिक्ष में पर्सनल स्मार्टफोन लेकर गए एस्ट्रोनॉट्स

वहीं, आपको बता दें कि इस बार अंतरिक्ष से आने वाली तस्वीरें और वीडियो और ज्यादा दिलचस्प होने वाले हैं क्योंकि NASA ने पहली बार अपने अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन के दौरान स्मार्टफोन साथ ले जाने की अनुमति दी है। फरवरी में नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस जानकारी को शेयर करते हुए बताया था कि इस पहल का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को ऐसे आधुनिक उपकरण देना है, जिससे वे अपने परिवार के लिए खास लम्हों को कैद कर सकें और पूरी दुनिया को प्रेरित करने वाली तस्वीरें और वीडियो भेज सकें।

आर्टेमिस II मिशन के एस्ट्रोनॉट्स-

इनमें कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।

  1. रीड वाइसमैन इस मिशन के कमांडर हैं। वह नासा के अंतरिक्ष यात्री, अमेरिकी नौसेना के एविएटर और टेस्ट पायलट हैं। आर्टेमिस-2 उनकी दूसरी अंतरिक्ष उड़ान है।
  2. विक्टर ग्लोवर अंतरिक्षयान के पायलट हैं। नासा के यह अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का चक्कर लगाने वाले इतिहास के पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे।
  3. क्रिस्टीना कॉश इस मिशन में एक्सपर्ट के रूप में शामिल है। वह नासा की इंजीनियर और वैज्ञानिक हैं। इनके पास 328 दिनों तक अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड है। वह पहली वुमेन स्पेस वॉक का हिस्सा रह चुकी है।
  4. जेरेमी हैनसेन इस मिशन में शामिल चौथे एस्ट्रोनॉट हैं। जेरेमी हैनसेन इस मिशन में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल हैं। वह कनाडाई स्पेस एजेंसी से जुड़े हैं। जेरेमी हैनसेन  रॉयल कनाडाई एयरफोर्स के फाइटर पायलट हैं और यह इनकी पहली अंतरिक्ष उड़ान है।

आर्टेमिस II मिशन क्या है?   

आर्टेमिस II मिशन का उदेश्य चंद्रमा पर स्थाई मानव उपस्थिति बनाना। भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव मिशन को संभव बनाना। पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष के मौसम की जांच करना। कोरोनल मास इजेक्शन यानी सूर्य के कोरोना से निकलने वाले प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के बड़े विस्फोट की जांच करना। साथ ही सोलर फ्लेयर्स की निगरानी करना यानी सूर्य की सतह पर होने वाले विशाल चुंबकीय विस्फोट जो अत्यधिक रेडिएशन छोड़ते हैं, उसकी जांच करना है।

आर्टेमिस-2 अपना मिशन 10 दिन में पूरा करेगा। इस दौरान यान को ऑर्बिट से बाहर निकलने में एक दिन लगेगा। इसके बाद यान को चांद की तरफ जानें 3-4 दिन लगेंगे। वहीं एक दिन यान चांद के चारों तरफ घूमेगा फिर चांद से वापसी में 4 दिन का वक्त लगेगा।

RELATED ARTICLES
New Delhi
scattered clouds
33 ° C
33.1 °
33 °
55 %
4.1kmh
50 %
Mon
35 °
Tue
35 °
Wed
39 °
Thu
39 °
Fri
34 °

Most Popular