नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर देश का रुख बिल्कुल साफ है न कोई दोहरा मापदंड और न ही कोई समझौता। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर दौरे के दौरान पीएम मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर दिया और इससे निपटने के लिए समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद से मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई गई।
फंडिंग और तकनीक पर लगेगी लगाम
दोनों देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और आतंकवादी गतिविधियों में नई एवं उभरती तकनीकों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। बयान में कहा गया कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच संबंधों को देखते हुए सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत किया जाएगा।
द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर जोर
पीएम मोदी और अनवर इब्राहिम ने संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
व्यापार से लेकर रक्षा तक रिश्ते होंगे और मजबूत
इस बैठक के दौरान भारत और मलेशिया ने व्यापार एवं निवेश, रक्षा, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
UNSC में भारत के समर्थन की सराहना
संयुक्त बयान में बहुपक्षवाद को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधारों का समर्थन करने की बात कही गई। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए मलेशिया के समर्थन की सराहना भी की।
