Girls Hostels Guidelines: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बिहार सरकार ने राज्य भर में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टलों और लॉजों के लिए कड़े नए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह घटना जनवरी 2026 में हुई थी, जब छात्रा 6 जनवरी को बेहोश मिली और 11 जनवरी को निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फोरेंसिक रिपोर्ट में संभावित यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद मामला CBI को सौंपा गया है। इस घटना ने कोचिंग हब पटना में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसके जवाब में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नए नियम लागू किए हैं।
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Girls Hostels Guidelines: पंजीकरण अनिवार्य, पुलिस स्टेशन पर रिकॉर्ड रखना होगा
नए दिशानिर्देशों के तहत राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टलों और लॉजों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक पुलिस स्टेशन को अपने क्षेत्र में आने वाले हॉस्टलों का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा। यह जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस स्टेशनों के महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
Girls Hostels Guidelines: 24 घंटे महिला वार्डन और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी
सरकार ने सभी गर्ल्स हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन की उपलब्धता अनिवार्य कर दी है। वार्डन, सुरक्षा गार्ड, रसोइया, सफाई कर्मचारी सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) अनिवार्य होगा। इससे हॉस्टल में काम करने वाले लोगों की पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित होगी और संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने में मदद मिलेगी।
Girls Hostels Guidelines: सीसीटीवी, रोशनी और मजबूत सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारों, भोजन क्षेत्र और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। इसके अलावा पर्याप्त रोशनी, उचित स्वच्छता सुविधाएं, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगाना भी जरूरी होगा।
Girls Hostels Guidelines: आगंतुकों पर सख्त निगरानी, पुरुषों का प्रवेश वर्जित
आगंतुकों की कड़ी निगरानी का प्रावधान किया गया है। हर आगंतुक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर आगंतुक रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। छात्रावास के आवासीय क्षेत्रों में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
Girls Hostels Guidelines: बायोमेट्रिक सिस्टम और आपातकालीन संपर्क की व्यवस्था
छात्रों और कर्मचारियों की रात्रि उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली स्थापित करने की सलाह दी गई है। छात्रावासों में 112 हेल्पलाइन, महिला सहायता केंद्र, अभया ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस स्टेशन के संपर्क विवरण वाले पोस्टर प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया मोबाइल ऐप की सुरक्षा सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
Girls Hostels Guidelines: नियमित निरीक्षण और जीरो टॉलरेंस नीति
पुलिस, महिला सहायता केंद्र और अभया ब्रिगेड द्वारा हॉस्टलों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई होगी। सुरक्षा में किसी भी चूक के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
यह कदम छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पटना जैसे कोचिंग केंद्रों में बढ़ते अपराधों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों के सख्ती से पालन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
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