Student Suicide: मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में एक 21 वर्षीय पहली वर्ष MBBS छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना सोमवार शाम को सामने आई, जिसने पूरे कॉलेज पर शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पढ़ाई से संबंधित तनाव को मुख्य कारण बताया है।
Student Suicide: घटना का विवरण – हॉस्टल रूम में फांसी
दिवंगत छात्र की पहचान अंतरिक्ष अग्रवाल के रूप में हुई है। वह 2025 बैच का पहला वर्ष MBBS छात्र था और ग्वालियर का निवासी था। पुलिस के अनुसार, उसका शव ब्लॉक-बी के चौथे तल पर कमरा नंबर 43 में छत के पंखे से लटका मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना की जानकारी तब हुई जब उसके रूममेट हर्ष कौशिक शाम के समय हॉस्टल पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने अन्य छात्रों को सूचित किया। संदेह होने पर छात्रों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अंतरिक्ष को फांसी लगी अवस्था में पाया। तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। यह मामला संयोगितागंज थाना क्षेत्र में आता है।
Student Suicide: छात्र ने सोमवार को क्लास अटेंड नहीं की
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंतरिक्ष ने सोमवार को कॉलेज में क्लास अटेंड नहीं की थी। छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई से संबंधित तनाव में था। संयोगितागंज थाने के SHO तुषार सिंह ने मीडिया को बताया, “MGM मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में एक मेडिकल छात्र द्वारा आत्महत्या की सूचना मिली। प्रथम दृष्टया यह सुसाइड का मामला लगता है। छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई के तनाव में था। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और जांच जारी है।”
Student Suicide: पढ़ाई का दबाव – मेडिकल छात्रों में बढ़ती समस्या
मध्य प्रदेश में मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, खासकर इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में। हाल ही में 31 जनवरी को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से बीपीटी पूरा करने वाले 29 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट भानु मोहर ने डाटिया जिले में बहुमंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि MBBS कोर्स की कठिनाई, लंबे अध्ययन घंटे, परीक्षा का दबाव, प्रतिस्पर्धा और कभी-कभी रैगिंग या मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं छात्रों को गंभीर तनाव में डाल देती हैं। पहला वर्ष विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, जहां एनाटॉमी, फिजियोलॉजी जैसी विषयों की मात्रा और समझ छात्रों पर भारी पड़ती है।
Student Suicide: कॉलेज प्रशासन और पुलिस की जांच
MGM मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घंघोरिया ने घटना की पुष्टि की है। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कही है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया और कमरे से कोई सुसाइड नोट या अन्य सबूत तलाशे जा रहे हैं। जांच में रूममेट, अन्य छात्रों और परिवार से पूछताछ की जा रही है।
परिवार को सूचना दे दी गई है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह घटना मेडिकल शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। कई संगठन काउंसलिंग सत्र और हेल्पलाइन की मांग कर रहे हैं।
Student Suicide: मेडिकल छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कॉलेजों में नियमित काउंसलिंग, पीयर सपोर्ट ग्रुप और तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं आयोजित करने की सलाह दी जा रही है। मध्य प्रदेश में मेडिकल छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। अंतरिक्ष अग्रवाल की मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मेडिकल समुदाय को झकझोर दिया है।
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