29.9 C
New Delhi
Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तर प्रदेशसंभल हिंसा मामला: ASP अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR के...

संभल हिंसा मामला: ASP अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश

Sambhal Violence Case: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के एक मामले में न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर की अदालत ने मंगलवार को तत्कालीन सीओ संभल अनुज चौधरी (वर्तमान में फिरोजाबाद में एएसपी ग्रामीण) समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया। यह आदेश पीड़ित यामीन की याचिका पर जारी किया गया, जिनके 24 वर्षीय बेटे आलम को पुलिस फायरिंग में गोली लगने का आरोप है।

Sambhal Violence Case: जानें क्या है पूरा मामला

यह घटना 24 नवंबर 2024 की है, जब अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण चल रहा था। सर्वे के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच भयंकर झड़प हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। पुलिस का दावा था कि भीड़ ने पथराव और फायरिंग की, जबकि स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया।

Sambhal Violence Case: सीजेएम कोर्ट में दायर की याचिका

यामीन, जो नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन के निवासी हैं, ने 6 फरवरी 2025 को सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि उनका बेटा आलम 24 नवंबर को घर से रस्क (टोस्ट) या बिस्कुट बेचने निकला था। शाही जामा मस्जिद क्षेत्र पहुंचते ही पुलिस ने कथित तौर पर बिना उकसावे के गोलीबारी की, जिसमें आलम को पीठ और हाथ में गोलियां लगीं। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और गिरफ्तारी के डर से निजी अस्पताल में छिपकर इलाज कराया। बाद में मेरठ में ऑपरेशन के बाद उसकी जान बची।

Sambhal Violence Case: ASP समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश

याचिका में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, संभल कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया। यामीन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के बाद कोई उचित जांच नहीं की और घायल को अस्पताल पहुंचाने में लापरवाही बरती।

कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को सुनवाई के बाद गहन विचार-विमर्श किया और सभी नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (जैसे हत्या का प्रयास, लापरवाही से चोट पहुंचाना आदि) के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।

Sambhal Violence Case: पुलिस और प्रशासन में मचा हड़कंप

आदेश के बाद पुलिस विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई वरिष्ठ अधिकारी उच्चाधिकारियों से संपर्क में हैं। संभल एसएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि हिंसा की मजिस्ट्रियल जांच में पुलिस कार्रवाई सही पाई गई थी, घायलों को 32 बोर की गोली लगी जो पुलिस के हथियार नहीं हैं, इसलिए FIR दर्ज नहीं होगी और आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी।

Sambhal Violence Case: कानून से ऊपर कोई नहीं

वहीं, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आदेश का स्वागत करते हुए कहा, कानून से ऊपर कोई नहीं, इंसाफ देर से सही मिलेगा। यह मामला संभल हिंसा के बाद न्यायिक प्रक्रिया में नया मोड़ लाया है, जहां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। पीड़ित परिवार अब FIR के बाद जांच की उम्मीद कर रहा है, जबकि पुलिस विभाग अपील की तैयारी में जुटा है।

यह भी पढ़ें:-

महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना पर बड़ा झटका! राज्य चुनाव आयोग ने जनवरी की किस्त एडवांस देने पर लगाई रोक

RELATED ARTICLES
New Delhi
few clouds
29.9 ° C
29.9 °
29.9 °
63 %
4.9kmh
17 %
Wed
30 °
Thu
34 °
Fri
36 °
Sat
35 °
Sun
36 °

Most Popular