America-Russia Conflict: अमेरिकी सेना ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले ऑयल टैंकर ‘मरीनेरा’ (पहले नाम बेला-1) को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में की गई। जहाज पर सवार 28 क्रू सदस्यों में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन और ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है, जबकि अमेरिका ने इसे ‘शैडो फ्लीट’ की तस्करी रोकने की सफलता बताया।
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America-Russia Conflict: लंबी पीछा के बाद जब्ती
यह ऑपरेशन हफ्तों चली खोज का नतीजा है। टैंकर दिसंबर में कैरिबियन सागर में अमेरिकी ब्लॉकेड से भागा था। जहाज ने नाम और झंडा बदलकर (रूसी झंडा अपनाकर) बचने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड और स्पेशल फोर्सेस ने हेलीकॉप्टर से चढ़ाई कर इसे पकड़ लिया। ब्रिटेन ने भी सपोर्ट दिया – रॉयल एयर फोर्स के सर्विलांस प्लेन ने आइसलैंड-यूके के बीच ट्रैकिंग की। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने इसे ‘संकट से बचने की असफल कोशिश’ कहा। इसी दिन पनामा झंडे वाले दूसरे टैंकर ‘एम सोफिया’ को भी कैरिबियन में जब्त किया गया।
America-Russia Conflict: तीन भारतीयों सहित सभी अमेरिकी हिरासत में
रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज पर मल्टीनेशनल क्रू था – 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी (कप्तान सहित)। सभी क्रू सदस्य फिलहाल अमेरिकी हिरासत में हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि जरूरत पड़ी तो मुकदमा चलाया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तीनों भारतीयों की सुरक्षा और वापसी के लिए प्रयास चल रहे हैं। क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है।
America-Russia Conflict: जब्ती का कारण
अमेरिका का आरोप है कि मरीनेरा ‘डार्क’ या ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था, जो वेनेजुएला, ईरान और रूस के प्रतिबंधित तेल की तस्करी करता है। जहाज पहले वेनेजुएला के लिए जा रहा था या वहां से लौट रहा था। यह कार्रवाई हालिया वेनेजुएला संकट का हिस्सा है, जहां अमेरिकी फोर्सेस ने राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को भी पकड़ा था। अमेरिका प्रतिबंधित तेल व्यापार को पूरी तरह ब्लॉक कर रहा है।
America-Russia Conflict: रूस की तीखी प्रतिक्रिया
रूस ने जब्ती की कड़ी निंदा की। परिवहन मंत्रालय ने कहा कि रूसी झंडे वाले जहाज पर बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। स्टेट ड्यूमा के उपाध्यक्ष एलेक्सी ज़ुरावलेव ने इसे ‘खुली समुद्री डकैती’ और रूसी संप्रभुता पर हमला बताया। कुछ रिपोर्ट्स में रूसी सबमरीन के एस्कॉर्ट का भी जिक्र है। रूस ने क्रू की रिहाई की मांग की है।
यह घटना रूस-अमेरिका तनाव को और बढ़ा सकती है। वैश्विक ऊर्जा व्यापार, प्रतिबंध और समुद्री सुरक्षा पर इसके दूरगामी प्रभाव होंगे। भारतीय क्रू की सुरक्षित वापसी पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच जारी है।
अमेरिकी सेना ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर मरीनरा को ज़ब्त कर लिया। अमेरिका ने दावा किया कि यह जहाज़ प्रतिबंधित तेल ले जाने वाले “शैडो फ्लीट” का हिस्सा था और वेनेज़ुएला के पास अमेरिकी नाकाबंदी से बचकर भागा था। रूसी पनडुब्बी एस्कॉर्ट की मौजूदगी के बावजूद, अमेरिकी सेना ने प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए फेडरल वारंट से ऑपरेशन की मंज़ूरी मिलने के बाद जहाज़ पर कब्ज़ा कर लिया।
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