Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को ऐतिहासिक मतदान हुआ। कुल 64.66 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक है और 1951 के बाद देश में किसी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सबसे ज्यादा भागीदारी। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इसे ‘लोकतंत्र की जीत’ करार दिया और बिहार को पूरे देश के लिए रास्ता दिखाने वाला बताया।
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Bihar Elections: रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग और शांतिपूर्ण मतदान
पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 122 महिलाएं शामिल थीं। शाम 5 बजे तक औसत मतदान 57.5 प्रतिशत रहा, जो अंतिम आंकड़ों में बढ़कर 64.66 प्रतिशत हो गया। मुजफ्फरपुर जिले में सबसे ज्यादा 70.96 प्रतिशत वोट पड़े, उसके बाद समस्तीपुर (70.63 प्रतिशत) और बेगूसराय (68.26 प्रतिशत) रहे। बेगूसराय की बच्चवारा सीट पर सर्वाधिक 69.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, पटना जिले में सबसे कम 48.69 प्रतिशत वोटिंग हुई। मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। किसी बड़े विवाद या हिंसा की खबर नहीं आई। चुनाव आयोग की सख्त व्यवस्था और मतदाताओं का जोश इसमें प्रमुख भूमिका निभाई।
Bihar Elections: 1951 के बाद सबसे ज्यादा मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, बिहार ने पूरे देश को रास्ता दिखाया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कोई आपत्ति नहीं आई। 1951 के बाद सबसे ज्यादा मतदान हुआ। सबसे साफ मतदाता सूची और लोगों का जोश देखने को मिला। पारदर्शी और मेहनती चुनाव व्यवस्था है। यह ‘लोकतंत्र की जीत’ है। कुमार ने मतदाताओं को बधाई दी कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर भरोसा जताया और बड़ी संख्या में वोट डाले। चुनाव कर्मियों की मेहनत और पारदर्शिता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की मतदाता सूची सबसे स्वच्छ रही, जिससे प्रक्रिया सुगम हुई।
Bihar Elections: लोकतंत्र की जीत
विशेषज्ञों का मानना है कि CEC की ‘लोकतंत्र की जीत’ वाली टिप्पणी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए सीधा संदेश है। राहुल बार-बार चुनाव आयोग पर लोकतंत्र कमजोर करने और वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं। बिहार में रिकॉर्ड मतदान और एसआईआर की सफलता इन आरोपों का खंडन करती है।
Bihar Elections: SIR प्रक्रिया पर विपक्ष की आलोचना का जवाब
CEC की टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची शुद्धिकरण के लिए एसआईआर चल रहा है। शेष जगहों पर यह जल्द शुरू होगा। विपक्षी दल एसआईआर पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन बिहार में कोई शिकायत नहीं आने से आयोग की विश्वसनीयता मजबूत हुई। कुमार ने कहा कि बिहार ने साबित किया कि पारदर्शी प्रक्रिया से मतदान बढ़ता है।
Bihar Elections: मतदाताओं का जोश और चुनावी माहौल
ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर जैसे जिलों में सुबह से ही उत्साह था। पटना में कम वोटिंग के बावजूद शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ी। चुनाव आयोग ने ईवीएम, वीवीपैट और वेबकास्टिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित की।
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