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Monday, January 26, 2026
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नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी जीत: दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

Naxalites Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पिछले दो दिनों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 258 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

Naxalites Surrender: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक ऐतिहासिक सफलता का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पिछले दो दिनों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 258 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। यह घटना नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की अथक कोशिशों से नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें ले रहा है। उन्होंने बाकी नक्सलियों से हथियार त्यागकर शांति का रास्ता अपनाने की अपील की, जबकि हिंसा जारी रखने वालों को सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी।

Naxalites Surrender: दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा, नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में आज एक ऐतिहासिक दिन है। छत्तीसगढ़ में आज 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि बुधवार को 27 ने हथियार डाले। महाराष्ट्र में भी बुधवार को 61 नक्सली मुख्यधारा में लौटे। कुल 258 कट्टर वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। आत्मसमर्पण के साथ नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार भी सौंपे, जिनमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और .303 राइफलें शामिल हैं। शाह ने इन नक्सलियों के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत के संविधान में उनके विश्वास की पुनर्स्थापना दर्शाता है। यह आंकड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति की दिशा में बड़ा कदम है, जो विकास और समृद्धि के द्वार खोल रहा है।

Naxalites Surrender: नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मील का पत्थर

अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीति को रेखांकित करते हुए कहा, जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनका हार्दिक स्वागत है। लेकिन जो हथियार उठाए रखेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने फिर से अपील की, सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं। शाह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर, जो कभी नक्सली आतंक का गढ़ थे, अब पूरी तरह नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित कर दिए गए हैं। अब केवल साउथ बस्तर में छिटपुट नक्सली बचे हैं, जिन्हें सुरक्षा बल जल्द ही खत्म कर देंगे। यह सफलता केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त रणनीति का परिणाम है, जिसमें सशस्त्र कार्रवाई के साथ-साथ आत्मसमर्पण नीति और विकास योजनाएं शामिल हैं।

Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के बाद की प्रगति

गृह मंत्री ने जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, जनवरी 2024 से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को न्यूट्रलाइज किया गया है। ये आंकड़े 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं। यह संकल्प नक्सल प्रभावित जिलों को घटाकर मात्र 6 कर देने की दिशा में एक कदम है। महाराष्ट्र में भी बुधवार को नक्सली कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य के गढ़चिरोली में एक बड़ा झटका है। इन प्रयासों से नक्सलवाद अब सीमित क्षेत्रों तक सिमट गया है।

सरकार की रणनीति और भविष्य की दृष्टि

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इसमें सुरक्षा बलों की क्षमता वृद्धि, आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करना और स्थानीय समुदायों का विकास शामिल है। आत्मसमर्पण करने वालों के लिए पुनर्वास पैकेज उपलब्ध हैं, जिसमें वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। शाह ने कहा कि यह नीति हिंसा के चक्र को तोड़ रही है और आदिवासी क्षेत्रों में शांति ला रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, यदि वर्तमान गति बनी रही।

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