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Modi Cabinet: आगामी जनगणना में शामिल होगी जाति आधारित गणना, गन्ना किसानों को भी राहत

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने जाति जनगणना कराने का भी फैसला लिया है।

Modi Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई ऐतिहासिक और दूरगामी असर वाले निर्णय लिए गए। इनमें सबसे अहम निर्णय आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल करने का है। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए हाई स्पीड कॉरिडोर की परियोजना को मंजूरी दी गई और गन्ना किसानों के लिए 2025-26 के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) को बढ़ाया गया।

Modi Cabinet: जाति जनगणना को मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि अब देश की आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला सामाजिक संरचना की पारदर्शी और समावेशी समझ के उद्देश्य से लिया गया है।

Modi Cabinet: कांग्रेस सरकारों ने नहीं लिया था ठोस निर्णय

अश्विनी वैष्णव ने बताया, इस विषय पर पहले की कांग्रेस सरकारों ने ठोस निर्णय नहीं लिया था। केवल SECC (सोशियो-इकोनॉमिक एंड कास्ट सेंसस) के नाम पर एक सर्वे कराया गया था, जिसकी पारदर्शिता पर सवाल उठे। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जाति जनगणना को केवल राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया।

विश्वसनीय, पारदर्शी और देशहित में होगी जातिगण गणना

वैष्णव ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों ने भी जातीय सर्वेक्षण कराए लेकिन उनमें से कई ने इसे राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया, जिससे समाज में भ्रम और संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई। इसलिए अब केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जातिगत गणना को मूल जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि आंकड़े विश्वसनीय, पारदर्शी और देशहित में हों।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी इस विषय पर मंत्रिमंडल में चर्चा की आवश्यकता जताई थी और एक मंत्री समूह बनाया गया था, लेकिन तब भी निर्णायक कदम नहीं उठाए गए।

Modi Cabinet: गन्ना किसानों के लिए राहत का पैकेज

बैठक में गन्ना किसानों के हित में भी एक बड़ा फैसला लिया गया। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 2025-26 (अक्टूबर–सितंबर) के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 355 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जो 10.25% रिकवरी दर पर आधारित है।

गन्ना किसानों को मिलेगी प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता

अश्विनी वैष्णव ने कहा, यह गन्ने के लिए बेंचमार्क मूल्य होगा और इससे कम पर कोई भी खरीद नहीं की जा सकेगी। इस निर्णय से देश भर के गन्ना किसानों को लगभग 1,11,701 करोड़ रुपए की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलेगी।

इसके साथ ही, 10.25% से अधिक हर 0.1% की रिकवरी के लिए 3.46 रुपए प्रति क्विंटल का प्रीमियम भी निर्धारित किया गया है। वहीं रिकवरी में कमी की स्थिति में भी इसी अनुपात से FRP में कटौती की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों की आय को सुनिश्चित करने और गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्वोत्तर को मिलेगा नया हाई स्पीड कॉरिडोर

कैबिनेट बैठक में मेघालय और असम को जोड़ने वाली हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। यह परियोजना सिलचर से शिलांग और शिलांग से सिलचर के बीच होगी, जिसकी अनुमानित लागत 22,864 करोड़ रुपए है।

यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर साबित होगी, जो न केवल व्यापार को गति देगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय विकास को भी प्रोत्साहित करेगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा और सुरक्षा दोनों में सुधार आएगा।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समावेशी विकास

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10% आरक्षण दिया गया था, तब भी समाज में कोई बड़ा तनाव नहीं उत्पन्न हुआ। इसी प्रकार, जाति जनगणना का निर्णय भी सामाजिक संतुलन और न्याय की दिशा में एक ठोस कदम है।

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