Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को टैरिफ को लेकर नई घोषणा की, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप ने इन आयात करों को अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए आवश्यक बताया है। हालांकि, इस कदम के वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की भी आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तो लाभ पहुंचा सकती है, लेकिन वैश्विक व्यापार असंतुलन को और बढ़ा सकती है। आइए, इस घोषणा के मुख्य बिंदुओं को विस्तार से समझते हैं।
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Trump Tariff: 10% बेसलाइन टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने सभी आयातों पर ‘बेसलाइन’ टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह दर 10% निर्धारित की गई है और यह 5 अप्रैल से प्रभावी होगी। इस कर के तहत अमेरिका में किसी भी विदेशी उत्पाद को लाने वाली कंपनियों को सरकार को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कर का सीधा प्रभाव अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा क्योंकि इससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। जिन देशों को बेसलाइन टैरिफ का सामना करना पड़ेगा, उनमें यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, तुर्की, कोलंबिया, अर्जेंटीना, अल साल्वाडोर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हैं।
‘सबसे बुरे अपराधियों’ पर सीमा शुल्क/कस्टम टैरिफ
व्हाइट हाउस ने 60 देशों को चिन्हित किया है, जिन पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) लागू किए जाएंगे। ये नए शुल्क 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे। इस नीति के तहत अमेरिका उन्हीं देशों पर उतने ही प्रतिशत का शुल्क लगाएगा, जितना वे अमेरिकी वस्तुओं पर लगाते हैं।
इन नए टैरिफ दरों से प्रभावित होने वाले प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं:
किस देश पर कितना टैरिफ
- चीन – 34%
- यूरोपीय संघ – 20%
- जापान – 24%
- दक्षिण कोरिया – 25%
- स्विट्ज़रलैंड – 31%
- यूनाइटेड किंगडम – 10%
- ताइवान – 32%
- मलेशिया – 24%
- भारत – 26%
- ब्राज़ील – 10%
- इंडोनेशिया – 32%
- वियतनाम – 46%
- सिंगापुर – 10%
Trump Tariff: कनाडा और मेक्सिको को राहत
ट्रंप की 10% बेसलाइन टैरिफ नीति कनाडा और मेक्सिको पर लागू नहीं होगी। हाल ही में अमेरिका ने इन दोनों देशों से निपटने के लिए अलग व्यापार नीतियां अपनाई थीं। ट्रंप प्रशासन ने पहले भी कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाया था, लेकिन बाद में कुछ छूट दी गई थी।
Trump Tariff: विदेशी कारों पर 25% टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका में आने वाली सभी विदेशी निर्मित कारों पर 25% आयात शुल्क लगेगा। यह टैरिफ तुरंत प्रभावी हो गया है। इससे जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के ऑटोमोबाइल उद्योगों पर सीधा असर पड़ सकता है।
भारत पर 26% पारस्परिक शुल्क
ट्रंप ने भारत पर 26% पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए करों का आधा है। इसके अलावा, भारत से आने वाली ऑटोमोबाइल पर भी 25% टैरिफ लगाया गया है, जिससे टाटा मोटर्स और संवर्धन मदरसन जैसी कंपनियों के शेयर प्रभावित हो सकते हैं।
Trump Tariff: क्या होगा प्रभाव?
टैरिफ का सीधा असर उन अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो विदेश से सामान आयात करते हैं। इससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होगी, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। साथ ही, यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध को और बढ़ावा दे सकता है। कई देशों ने इस नीति की आलोचना की है और इसके खिलाफ प्रतिरोधी कदम उठाने की चेतावनी दी है।