Trump Putin Meeting: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार, 15 अगस्त 2025 को अलास्का के एंकोरेज में जॉइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में तीन घंटे की उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद यूक्रेन युद्ध में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की। हालांकि, दोनों नेताओं ने समझौते के विवरण को गुप्त रखा और यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्धविराम होगा या नहीं। इस बैठक का भारत पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25% दंडात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की है।
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Trump Putin Meeting: दोस्ताना माहौल, बदला हुआ प्रारूप
शिखर सम्मेलन की शुरुआत में पहले से तय तीन चरणों को बदलकर सीधे दूसरे चरण में प्रवेश किया गया, जिसमें ट्रंप के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, तथा पुतिन के साथ विदेश नीति सलाहकार यूरी उषाकोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव, और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव शामिल थे। दोनों नेताओं ने रेड कार्पेट पर गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और ट्रंप की लिमोजीन द बीस्ट में एकसाथ बैठकर बातचीत की। बी-2 बॉम्बर और एफ-35 जेट विमानों के फ्लाईओवर ने इस मुलाकात को सैन्य शक्ति प्रदर्शन का रंग दिया। तीसरे चरण का कार्यकारी लंच नहीं हुआ, जिससे वार्ता का समय अपेक्षा से कम रहा।
Trump Putin Meeting: ट्रंप की रणनीति: युद्धविराम पर जोर, जेलेंस्की की भूमिका
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमने महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन जब तक समझौता नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह यूक्रेन की ओर से बातचीत नहीं करेंगे और अंतिम फैसला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निर्भर है। ट्रंप ने घोषणा की कि वह नाटो नेताओं और जेलेंस्की को फोन कर इस बैठक के परिणामों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने एक दूसरी बैठक की संभावना जताई, जिसमें जेलेंस्की को शामिल किया जा सकता है। ट्रंप ने रहस्यमय ढंग से कहा, हम कुछ बड़े समझौतों के करीब हैं, और एक समझौता शायद सबसे महत्वपूर्ण है। हमारे पास वहां पहुंचने की बहुत अच्छी संभावना है।
पुतिन का दृष्टिकोण: शांति की इच्छा, लेकिन शर्तों के साथ
पुतिन ने कहा, हमें टकराव से बातचीत की ओर बढ़ना होगा। यह हमारे लिए एक त्रासदी और भयानक घाव है। रूस और यूक्रेन की जड़ें एक ही हैं, और हम इसे ईमानदारी से समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने रूसी चिंताओं को संबोधित करने की आवश्यकता पर बल दिया, लेकिन ठोस विवरण नहीं दिए। पुतिन ने इस मुलाकात को लंबे समय से विलंबित करार दिया और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का अवसर बताया।
भारत पर प्रभाव: रूसी तेल पर शुल्क
इस शिखर सम्मेलन का भारत के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि अमेरिका ने रूसी तेल आयात पर 25% दंडात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह कदम भारत जैसे देशों को रूसी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए दबाव डाल सकता है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुल्क भारत को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करने के लिए मजबूर कर सकता है, जिससे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है।
यूक्रेन की अनुपस्थिति: जेलेंस्की का रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को इस बैठक में शामिल नहीं किया गया, जिसके कारण यूरोपीय नेताओं और जेलेंस्की ने चिंता जताई। जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन के बिना कोई भी समझौता अर्थहीन होगा। उन्होंने तत्काल युद्धविराम की मांग की और रूस पर नए प्रतिबंधों की वकालत की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह यूक्रेन की ओर से निर्णय नहीं लेंगे, लेकिन उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
विवाद और उम्मीदें
यह शिखर सम्मेलन ट्रंप की उस चुनावी प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन युद्ध को 24 घंटे में समाप्त करने का वादा किया था। हालांकि, कोई ठोस युद्धविराम समझौता नहीं हुआ, लेकिन दोनों नेताओं ने इसे अत्यंत उपयोगी करार दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक भविष्य की वार्ताओं के लिए आधार तैयार कर सकती है, लेकिन रूस की क्षेत्रीय मांगें और यूक्रेन की संप्रभुता के सवाल चुनौतियां बने रहेंगे।
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