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Sunday, September 13, 2026
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Russia-NATO War का खतरा? कीव पर फिर मिसाइलों की बौछार, काला सागर में भी हमला

Russia और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पिछले कुछ दिनों में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं। रूसी हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और दूसरी मिसाइल प्रणालियों के इस्तेमाल का दावा किया गया है। वहीं काला सागर में भी यूक्रेनी जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की मदद की तलाश में सर्बिया पहुंचे हैं। दूसरी तरफ NATO के पूर्वी हिस्से में भी सैन्य तैयारियां तेज होती दिख रही हैं। रोमानिया ने सीमा के पास ड्रोन से निपटने के लिए F-35 फाइटर जेट की ड्रिल की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब NATO की जमीन तक पहुंच सकता है?

कीव पर रात में ताबड़तोड़ मिसाइल हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, 7 और 8 अगस्त की दरम्यानी रात रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 6 इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। पहली मिसाइल रात करीब पौने एक बजे कीव में गिरी। इसके बाद अगले करीब 15 मिनट में 5 और मिसाइलें राजधानी की तरफ दागे जाने का दावा किया गया। हमलों के बाद कीव के कई इलाकों में आग लग गई। कई मकानों के जलने और बड़े पैमाने पर नुकसान की तस्वीरें सामने आईं। ब्रोवरी इलाके में एक बच्चे और उसके दादा-दादी के मारे जाने की भी खबर है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और राहत-बचाव दल उन्हें तलाश रहे हैं। एक मिसाइल उस फैक्ट्री के पास गिरी, जहां कर्मचारी हमले के दौरान भूमिगत बंकर में छिपे हुए थे।

हमले के बीच कर्मचारियों ने ऐसे बचाई जान

कीव के एक वेयरहाउस कर्मचारी मिखाइल हुकोव ने बताया कि एयर रेड सायरन बजते ही उन्हें बैलिस्टिक हमले का खतरा समझ आ गया था। उन्होंने तुरंत कर्मचारियों के ग्रुप में संदेश भेजकर सभी को शेल्टर में जाने को कहा। हुकोव के मुताबिक, कई कर्मचारी अपने बैग लेने के लिए वापस जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद सभी लोग शेल्टर में चले गए। कुछ ही देर बाद इतने तेज धमाके हुए कि ऐसा लगा जैसे विस्फोट बिल्कुल वेयरहाउस के पास ही हुआ हो।

एक धमाके में ट्रक जल गया, भागकर बची जान

कीव में हुए हमलों के दौरान ट्रक ड्राइवर इवान ब्रागा भी रूसी हमले की चपेट में आए। उन्होंने बताया कि वह कैब के अंदर थे, तभी जोरदार धमाका हुआ और उनके ट्रक में आग लग गई। पास खड़े दूसरे ट्रक में भी आग लग गई। ब्रागा के मुताबिक, उनके पास जरूरी कागजात और सामान निकालने तक का समय नहीं था। वह सिर्फ कपड़ों का एक बैग लेकर बाहर निकल पाए। आग की तेज गर्मी के कारण उनकी पीठ और शरीर के एक हिस्से पर भी जलने की चोट आई। इसके बाद उन्हें वहां से भागना पड़ा।

रूस ने हमले में S-400 का भी इस्तेमाल किया?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ S-400 सिस्टम से दागी जाने वाली मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया। आम तौर पर S-400 को दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को रोकने वाले एयर डिफेंस सिस्टम के तौर पर जाना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने इसे हमले के लिए भी इस्तेमाल किया। इसके साथ ही गेरान सीरीज के ड्रोन भी हमले में शामिल किए गए। बताया गया है कि रूस ने कुल 151 ड्रोन, 6 इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइलें और S-400 से दागी गई मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेन की ओर से 135 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया है। हालांकि, यूक्रेनी एयर डिफेंस 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक नहीं पाया।

क्या यूक्रेन की मिसाइल रोकने की क्षमता घटी?

रिपोर्ट में जुलाई के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि रूस ने उस महीने यूक्रेन पर 195 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से यूक्रेन सिर्फ 29 को रोक पाया। यानी इंटरसेप्शन रेट करीब 14 फीसदी बताया गया है। इसी वजह से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस अब सीमित संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों से भी बड़े हमले कर रहा है। साथ ही यूक्रेन के पास मौजूद पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यूक्रेन ने कुछ मिसाइलें खास तौर पर राष्ट्रपति के महल की सुरक्षा के लिए बचा रखी हैं।

8 यूक्रेनी प्रांतों में हमलों का दावा

रूस के हमलों का असर सिर्फ कीव तक सीमित नहीं बताया गया। 7-8 अगस्त की रात यूक्रेन के कई प्रांतों में हमले और नुकसान की खबरें सामने आईं।

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक:

  1. जापोरिज्जिया में तीन लोगों की मौत और चार लोग घायल हुए।
  2. खारकीव में दो लोगों की मौत और सात लोग घायल हुए।
  3. सुमी में 19 लोगों के घायल होने की खबर है।
  4. डोनेस्क में एक व्यक्ति की मौत और 15 लोग घायल बताए गए।
  5. खेरसान में दो लोगों की मौत और 26 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
  6. ओडेसा में एक फुटबॉल स्टेडियम को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया।
  7. नेप्रोपेट्रोवस्क में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है।

यानी एक ही रात में यूक्रेन के कई हिस्सों में रूसी हमलों का असर दिखाई दिया।

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