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Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप बने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति, शपथ लेते ही एक्शन…WHO से हटा अमेरिका, 78 फैसले रद्द

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उनके शपथ लेने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। दुनिया भर से उन्हें बधाई संदेश मिलने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा राष्ट्रपति बनने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, उन्होंने मेक्सिको के साथ लगी देश की दक्षिणी सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल (नेशनल इमरजेंसी) घोषित की। यह कदम अवैध घुसपैठ को रोकने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर आपातकाल की घोषणा की है। अपने पिछले कार्यकाल में भी, उन्होंने फरवरी 2019 में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।

पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में ट्रंप को प्रिय मित्र कहकर संबोधित किया और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की आशा व्यक्त की। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई! मैं एक बार फिर साथ मिलकर काम करने, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने और दुनिया के लिए बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए तत्पर हूं। आने वाले सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं!

दक्षिणी सीमा पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, हम अपनी दक्षिणी सीमा पर नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर रहे हैं। यह कदम हमारी सीमाओं की सुरक्षा और देश में अवैध प्रवास को रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी वादा किया कि अमेरिका में घुसे अवैध आपराधिक प्रवासियों को उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना तैनात करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मेक्सिको से अवैध प्रवासियों का आना केवल अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक और सामाजिक संसाधनों पर भी दबाव डालता है।

अमेरिका जल्द बनेगा पहले से ज्यादा मजबूत

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा, अमेरिका जल्द ही पहले से कहीं अधिक महान, मजबूत और कहीं अधिक असाधारण बनेगा। मैं राष्ट्रपति पद पर इस विश्वास और आशा के साथ लौट रहा हूं कि हम राष्ट्रीय सफलता के एक रोमांचक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। दक्षिणी सीमा पर आपातकाल की घोषणा और सेना की तैनाती के फैसले से यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये कदम अवैध प्रवास को रोकने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने में कितने प्रभावी साबित होते हैं।

WHO से हटा अमेरिका

डोनाल्ड ट्रंप ने 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करते ही कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सदस्यता से बाहर निकालने का आदेश है। यह फैसला ट्रंप की पिछली नीतियों का ही विस्तार है, जहां उन्होंने WHO पर कोविड-19 महामारी के दौरान चीन का पक्ष लेने और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया था।

WHO से बाहर निकलने का कारण

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि WHO अमेरिका के हितों की उचित रक्षा करने में विफल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महामारी के दौरान WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट को सही तरीके से संभालने में देरी की, जिससे अमेरिका और दुनिया को भारी नुकसान हुआ। ट्रंप ने कहा, हम उन संस्थानों का समर्थन नहीं कर सकते, जो हमारी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते।

बाइडेन सरकार के 78 फैसलों को किया रद्द

डोनाल्ड ट्रंप ने 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद अपने कार्यकाल की शुरुआत जोरदार अंदाज में की। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद वह ओवल ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सबसे प्रमुख कदम बाइडेन प्रशासन के 78 फैसलों को रद्द करना और पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालने की घोषणा था। ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालते ही अपने आलोचकों को स्पष्ट संदेश दिया कि उनका प्रशासन पूरी तरह से अलग नीतियों पर काम करेगा। उन्होंने बाइडेन सरकार द्वारा किए गए दर्जनों फैसलों को पलट दिया।

स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संबंधी कानून: बाइडेन सरकार की कई हरित ऊर्जा नीतियों को रद्द कर दिया गया।
आव्रजन नीतियां: सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवास से संबंधित बाइडेन के सुधारों को समाप्त किया गया।
आर्थिक नीतियां: बाइडेन की आर्थिक योजनाओं और कुछ कर सुधारों को निरस्त किया गया।

ट्रंप के इन फैसलों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। उनके समर्थकों ने इसे साहसिक और राष्ट्रवादी कदम बताया, जबकि विरोधियों ने इसे जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए खतरनाक करार दिया। ट्रंप के इन शुरुआती फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका दूसरा कार्यकाल भी नीतिगत बदलावों और विवादों से भरा रहेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके फैसलों का अमेरिका और विश्व पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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