33 C
New Delhi
Wednesday, August 19, 2026
HomeमौसमWeather Update : बढ़ती गर्मी के बीच राहत की खबर, जलवायु से...

Weather Update : बढ़ती गर्मी के बीच राहत की खबर, जलवायु से जुड़े बदलाव अच्छे मानसून के अनुकूल

weather update : भारतीय मौसम विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र ने अच्छे मानसून की संभावना को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि ला नीना की तटस्थ स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अच्छी मानी जाती है।

weather update : देशभर में बीते कुछ दिनों से मौसम बदला हुआ है। इसी बीच मौसम वैज्ञानिकों ने नया अपडेट दिया है। इस साल हुए मौसमी बदलावों को दक्षिण-पश्चिम मानसून के अनुकूल है। विशेषज्ञों के अनुसार जून की शुरुआत तक अल नीनो की तटस्थ स्थिति बन सकती है। यह अच्छे मानसून का संकेत बताए जा रहे है। वहीं, जुलाई से सितंबर तक ला नीना की स्थिति बनती नजर आ सकती है। इस दौरान मध्य प्रशांत महासागर ज्यादा गर्म नहीं होगा। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून पर इसका असर नहीं पड़ेगा। भारतीय मौसम विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र ने भी एक बातचीत में अच्छे मानसून की संभावना को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि ला नीना की तटस्थ स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अच्छी मानी जाती है, जबकि अल नीनो को नहीं। पिछले दशकों में 60 फीसदी वर्षों में अल नीनो का मानसून पर नकारात्मक असर दिखा है, लेकिन पिछले वर्ष ऐसा नहीं था। महापात्र ने कहा, इस वर्ष भी बर्फबारी कम रही, लेकिन इसे नकारात्मक नहीं कह सकते। यह बदलाव मानसून के लिए अनुकूल है।

विकसित हो रही नई मौसम प्रणाली

मौसम एजेंसी स्काइमेट के अनुसार, अचानक एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने जा रहा है। एक ट्रफ रेखा आंतरिक कर्नाटक से पूर्वी मध्यप्रदेश तक फैलेगी। इसके अलावा, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक प्रति-चक्रवात मौसम प्रणाली में नमी बनाएगा। इस मौसम प्रणाली के कारण कुछ स्थानों पर अप्रेल के मध्य तक आंधी, बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे हीटवेव से राहत मिलेगी।

देश की जीडीपी में 14 फीसदी कृषि क्षेत्र का योगदान

भारत में 70 फीसदी बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून से ही होती है। बारिश कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। देश की जीडीपी में लगभग 14 फीसदी कृषि क्षेत्र का योगदान देता है। आधे से ज्यादा रोजगार कृषि और कृषि क्षेत्रों से जुड़े हैं। वर्ष 2023 में मजबूत अल नीनो के कारण औसत (868.6 मिमी) से कम (820 मिमी) बारिश हुई थी।

इन बातों पर बारिश का पूर्वानुमान

आईएमडी मानसूनी बारिशि का पूर्वानुमान तीन प्रमुख जलवायु घटनाओं को देखकर करता है। पहला अल नीनो, दूसरा हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) जो भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी किनारों के अलग-अलग तापमान के कारण होता है। और अंतिम तीसरा उत्तरी हिमालय और यूरेशियन भूभाग पर बर्फ का आवरण है, जो भारतीय मानसून पर भी प्रभाव डालता है। इन से बारिश का पूर्वानुमान का पता चलता है।

RELATED ARTICLES
New Delhi
broken clouds
33 ° C
33 °
32.1 °
58 %
3.1kmh
79 %
Wed
35 °
Thu
37 °
Fri
40 °
Sat
40 °
Sun
39 °

Most Popular