Weather Update 23 January 2026: मौसम ने दिल्ली–एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में अचानक करवट ले ली है। बवाना, नरेला, रोहिणी से बहादुरगढ़, रोहतक और कोटपूतली तक तेज झोंकेदार हवाएं चल रही हैं। आसमान में घने बादल हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने गरज के साथ आसमान में बिजली कड़कने की संभावना भी जताई है। मौसम अगले कुछ घंटों में आपको चौंका सकता है। आज घर से निकलने से पहले मौसम का ये जरूरी अपडेट जरूर पढ़ लीजिए।
दिल्ली समेत इन इलाकों में तेज हवाओं का असर
दिल्ली में नरेला, बवाना, अलीपुर, बुराड़ी, कंझावला, रोहिणी, बादली, मॉडल टाउन, आजादपुर, पीतमपुरा, मुंडका, पश्चिम विहार, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, एनसीआर के बहादुरगढ़, हरियाणा के रोहतक, झज्जर, फरुखनगर, महेंद्रगढ़, नारनौल और राजस्थान के कोटपूतली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40–60 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल रही हैं।
दिल्ली को लेकर मौसम का अलर्ट
दिल्ली के आकाश में आमतौर पर बादल छाए रह सकते हैं। सुबह से दोपहर के पहले तक हल्की बारिश हो सकती है। अलग-अलग इलाकों में एक या दो बौछारें पड़ सकती हैं। गरज के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही, 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दोपहर के आसपास हल्की से मध्यम बारिश पड़ सकती है। वहीं, शाम के समय हल्की धुंध छाई रह सकती है।
नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में कैसा रहेगा मौसम?
एक तेज वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से 23 जनवरी, 2026 को वेस्टर्न हिमालयन एरिया में कुछ स्थानों पर बर्फबारी, ओले गिरने और भारी बारिश हो सकती है। बिजली कड़कने की संभावना है। तेज हवाएं भी चलेंगी। इसी दौरान नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
तापमान में कितना होगा बदलाव?
नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में आज (शुक्रवार को) मिनिमम टेंपरेचर 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ सकता है। अगले 2 दिन में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। उसके बाद अगले 4 दिनों के दौरान इसमें 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं, सेंट्रल इंडिया में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। फिर अगले 2 दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। और उसके बाद अगले 2 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। उसके बाद मिनिमम टेंपरेचर में कुछ खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
