Rajasthan Flood: राजस्थान में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। मौसम विभाग ने 16 जिलों में रेड अलर्ट और 19 जिलों में स्कूल बंद करने की घोषणा की है। जयपुर, कोटा, करौली, और अलवर जैसे जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति ने जनजीवन को ठप कर दिया है। कोटा के इटावा क्षेत्र में कालीसिंध नदी के उफान से गांव टापू बन गए हैं, और फसलें तबाह हो गई हैं।
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Rajasthan Flood: 16 जिलों में रेड अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 25 अगस्त को जयपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, भरतपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, और उदयपुर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मॉनसून की ट्रफ लाइन दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से गुजर रही है, जिससे 24-26 अगस्त तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। जयपुर में पिछले 48 घंटों में 118 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि दौसा के रामगढ़ पचवारा में 258 मिमी बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ा।
Rajasthan Flood: जयपुर में स्कूल-अंगनवाड़ी बंद
जयपुर के जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत 25 और 26 अगस्त को सभी सरकारी और निजी स्कूलों (प्री-प्राइमरी से 12वीं तक) और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया। यह छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए है, शिक्षक और स्टाफ को ड्यूटी पर रहना होगा। आदेश की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जयपुर में भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।
Rajasthan Flood: कोटा और करौली में भी छुट्टियां
कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने 25 अगस्त को सभी स्कूलों (कक्षा 1 से 12) में अवकाश घोषित किया। कोटा में लगातार बारिश से कालीसिंध और चंबल नदियों के उफान ने इटावा क्षेत्र में तबाही मचाई है। नारायणपुरा गांव जलमग्न होकर टापू बन गया, और इटावा-कोटा मार्ग पर पानी भरने से डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। हजारों बीघा खेतों में फसलें डूब गईं। करौली में जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने भी भारी बारिश की चेतावनी के चलते 25 अगस्त को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया।
अलवर में दो दिन का अवकाश
अलवर की जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने 25 अगस्त को भारी बारिश और 26 अगस्त को पाण्डुपोल हनुमान मेले के कारण स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया। पाण्डुपोल मेला अलवर का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें हजारों श्रद्धालु हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बारिश से अलवर में भी कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति है।
बाढ़ और जलभराव से हाहाकार
कोटा के इटावा क्षेत्र में कालीसिंध नदी के उफान से नारायणपुरा गांव टापू बन गया। गांगी खाड़ी का पानी विनायका ग्रिड में घुसने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इटावा-पीपल्दा मार्ग बंद होने से कई गांवों का संपर्क कट गया। बूंदी, झालावाड़, और बारां में भी बाढ़ जैसे हालात हैं, जहां सेना ने 500 लोगों को सुरक्षित निकाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और 45,000 नए जल संरक्षण ढांचों की योजना का ऐलान किया।
सुरक्षा और राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री ने लोगों से नदियों, बांधों, और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
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