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Thursday, September 10, 2026
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चमोली में बादल फटने से तबाही: थराली में भारी नुकसान, राहत कार्य तेज, IMD का ऑरेंज अलर्ट

Cloudburst: चमोली के थराली में बादल फटने से थराली बाजार, कोटदीप, और तहसील परिसर मलबे से भर गए। कई घर, दुकानें, और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) का आधिकारिक आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

Cloudburst: उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में 29 अगस्त 2025 को देर रात बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। चमोली के थराली और नारायणबागड़ क्षेत्रों में बादल फटने से मलबे ने बाजार, तहसील परिसर, और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर टोक में भी मलबे के कारण कई परिवार फंस गए। इस आपदा में कम से कम एक युवती की मौत हो गई, और कई लोग लापता हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चमोली, देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है।

Cloudburst: थराली में भारी नुकसान, राहत कार्य शुरू

चमोली के थराली में 23 अगस्त की रात करीब 12:40 बजे बादल फटने से थराली बाजार, कोटदीप, और तहसील परिसर मलबे से भर गए। कई घर, दुकानें, और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) का आधिकारिक आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सागवाड़ा गांव में 20 वर्षीय कविता की मलबे में दबकर मौत हो गई, और एक व्यक्ति, जोशी, लापता है। थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्ग मलबे और भारी बारिश के कारण बंद हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया। चमोली के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. संदीप तिवारी ने कहा, “मलबे ने भारी नुकसान पहुंचाया है। NDRF और SDRF की टीमें रात से ही राहत कार्य में जुटी हैं।” स्थानीय पुलिस ने रात में ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

Cloudburst: रुद्रप्रयाग में परिवार फंसे, सेना सक्रिय

रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से मलबे ने कई परिवारों को घेर लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिला प्रशासन, SDRF, और पुलिस युद्धस्तर पर राहत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “मैं स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।” भारतीय सेना ने रुद्रप्रयाग और जोशीमठ से HADR कॉलम, मेडिकल टीमें, और सर्च एंड रेस्क्यू डॉग्स तैनात किए हैं। चमोली पुलिस ने पिंडर नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

Cloudburst: IMD का अलर्ट और स्कूल बंद

IMD ने 29-30 अगस्त के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी, और नैनीताल में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चमोली के जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित और पिथौरागढ़ के DM विनोद गोस्वामी ने सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को 29 अगस्त के लिए बंद करने का आदेश दिया है। बद्रीनाथ राजमार्ग करनप्रयाग, पागल नाला, और भानीरपानी के पास बंद है, जिससे चारधाम यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।

पिछली घटनाओं से सबक

उत्तराखंड में इस मानसून सीजन में बादल फटने की कई घटनाएं हुई हैं। 5 अगस्त को उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल में बादल फटने से चार लोगों की मौत हुई थी, और 50 से अधिक लोग लापता हो गए थे। 2013 की केदारनाथ त्रासदी और 2021 की चमोली आपदा की यादें अभी भी ताजा हैं। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन, अनियोजित निर्माण, और वनों की कटाई को इन आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति का कारण मानते हैं।

राहत और पुनर्वास की चुनौती

चमोली और रुद्रप्रयाग में बादल फटने की घटनाओं ने उत्तराखंड के नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से उजागर किया है। सेना, NDRF, SDRF, और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन खराब मौसम और अवरुद्ध सड़कें चुनौती बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता मांगी है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, और प्रशासन खाद्य, चिकित्सा, और आश्रय की व्यवस्था कर रहा है। यह आपदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आपदा प्रबंधन को बेहतर करने की जरूरत को रेखांकित करती है।

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