UP Politics: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार को एक विवादित मकबरे को तोड़ने की घटना ने सनसनी मचा दी। इस घटना में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता पप्पू सिंह चौहान के कथित रूप से शामिल होने के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सपा के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पप्पू सिंह चौहान को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। इस कार्रवाई की जानकारी सपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष को एक पत्र के माध्यम से दी गई।
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UP Politics: मकबरे पर भीड़ का हमला
फतेहपुर पुलिस के अनुसार, सोमवार को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में एकत्रित भीड़ ने मकबरा परिसर में जबरदस्ती प्रवेश किया। मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति ने दावा किया था कि यह मकबरा वास्तव में एक मंदिर है और इसके लिए पूजा-दर्शन हेतु जुलूस निकालने की घोषणा की थी। जुलूस के दौरान भीड़ ने विवादित मकबरे को ध्वस्त कर दिया। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझा-बुझाकर शांत किया। अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद भीड़ वहां से वापस चली गई।
UP Politics: 10 नामजद, 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा
घटना के बाद फतेहपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें पप्पू सिंह चौहान को तोड़फोड़ में शामिल लोगों के साथ देखा गया। इस वीडियो ने मामले को और तूल दे दिया, जिसके बाद समाजवादी पार्टी ने पप्पू सिंह चौहान के खिलाफ कार्रवाई की।
UP Politics: पप्पू सिंह चौहान पर गिरी गाज
समाजवादी पार्टी ने इस घटना को गंभीरता से लिया और पप्पू सिंह चौहान को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया। सपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि पप्पू सिंह चौहान ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जो पार्टी के सिद्धांतों और अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने कहा, पप्पू सिंह चौहान का व्यवहार समाजवादी पार्टी की छवि को धूमिल करने वाला है। इसलिए, उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। यह कार्रवाई सपा के लिए अपनी छवि को साफ रखने और विवादों से दूरी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विवाद का पृष्ठभूमि और सामाजिक प्रभाव
यह घटना फतेहपुर में सामाजिक तनाव का कारण बन गई है। मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति का दावा है कि विवादित मकबरा एक प्राचीन मंदिर का हिस्सा है, जिसे ऐतिहासिक रूप से बदल दिया गया। इस दावे ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कदम उठाए और जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
आगे की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की हिंसा या कानून तोड़ने की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है। समाजवादी पार्टी का यह कदम पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और विवादों से बचने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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