Surajkund Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ। एम्यूजमेंट जोन में लगा विशाल ‘सुनामी’ झूला (एक हाई-स्पीड पेंडुलम-स्टाइल राइड) अचानक टूटकर गिर गया। इस घटना में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि कुल 13 लोग घायल हुए। हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झूला संचालित करने वाली कंपनी के मालिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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Surajkund Accident: हादसे का विवरण
हादसा शनिवार शाम करीब 6:15-6:30 बजे हुआ, जब झूला फुल स्पीड में चल रहा था और उसमें लगभग 19-26 यात्री सवार थे। अचानक झूले का एक हिस्सा टूटा, वह झुक गया और फिर पूरी तरह गिर पड़ा। इससे अफरा-तफरी मच गई। घायलों और फंसे लोगों को बचाने के लिए पलवल जिले के चांदहट थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद तुरंत मौके पर पहुंचे। वे और अन्य पुलिसकर्मी लोगों को निकाल रहे थे, तभी झूले का दूसरा हिस्सा भी गिरा और इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के सिर व चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
Surajkund Accident: शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का परिचय
58 वर्षीय जगदीश प्रसाद 1989 में हरियाणा आर्म्ड पुलिस में शामिल हुए थे और मार्च 2026 में 36 साल की सेवा पूरी कर रिटायर होने वाले थे। वे उत्तर प्रदेश के मथुरा के मूल निवासी थे और पलवल में तैनात थे। 2019-20 में उन्हें हरियाणा के राज्यपाल द्वारा पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था। उनकी बहादुरी के लिए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उन्हें ‘शहीद’ का दर्जा देने की घोषणा की है।
Surajkund Accident: पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
हरियाणा पुलिस ने रविवार को हादसे में लापरवाही बरतने के आरोप में गैर-इरादतन हत्या (भारतीय न्याय संहिता की धारा 105) का मामला दर्ज किया। गिरफ्तार किए गए हैं – हिमाचल फन केयर कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर (हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के टोका नांगला गांव निवासी) और उनका सहयोगी नितेश (उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के धर्मपुरी निवासी)। पुलिस का कहना है कि कंपनी मेले में झूले लगाने और संचालन की जिम्मेदार थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
मामले की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देश पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) की देखरेख में तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है। टीम में सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम II), क्राइम ब्रांच (एनआईटी) इंचार्ज और सूरजकुंड पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर संजय शामिल हैं। अन्य संभावित दोषियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
Surajkund Accident: सरकारी सहायता और प्रतिक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, एक योग्य सदस्य को सहानुभूति के आधार पर सरकारी नौकरी और अन्य लाभ देने की घोषणा की। सीएम ने कहा, “मैंने खुद घायलों के इलाज का जायजा लिया। आठ घायलों में से चार डिस्चार्ज हो चुके हैं, बाकी का इलाज जारी है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं। घायलों को भी 1-1 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।
हरियाणा के मंत्री राजेश नागर ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा, “कोई भी दोषी, चाहे कितना प्रभावशाली हो, बख्शा नहीं जाएगा।”
Surajkund Accident: मेले में सुरक्षा व्यवस्था
हादसे के बाद मेले प्रबंधन ने सभी झूलों को अस्थायी रूप से बंद कर सुरक्षा दोबारा जांच शुरू की। मेले का मुख्य हिस्सा विजिटर्स के लिए खुला रहा। यह घटना मेले में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना जांच के बावजूद लापरवाही से ऐसी त्रासदी हो सकती है। अब मेले में सुरक्षा को और सख्त किया जा रहा है।
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