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धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर आशीष रंजन प्रयागराज में ढेर, एक 47 समेत कई हथियार जब्त

Encounter: झारखंड का धनबाद निवासी कुख्यात गैंगस्टर आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू सिंह यूपी के प्रयागराज में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया है।

Encounter: प्रयागराज में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर का अंत: आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह मुठभेड़ में ढेरझारखंड के धनबाद निवासी कुख्यात गैंगस्टर आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू सिंह को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने बुधवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के शिवराजपुर चौराहे के पास हुई। आशीष रंजन कई हत्याओं और संगीन अपराधों में वांछित था, और उस पर धनबाद पुलिस ने 4 लाख रुपये का इनाम रखा था।

Encounter: गुप्त सूचना पर एसटीएफ की घेराबंदी

प्रयागराज एसटीएफ को सूचना मिली थी कि आशीष रंजन अपने एक सहयोगी के साथ शहर में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के मुताबिक, वह शिवराजपुर चौराहे के रास्ते प्रयागराज में प्रवेश करने वाला था। इस इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही आशीष वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय एके-47 राइफल और 9 एमएम पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

Encounter: मुठभेड़ में तीन जवान बाल-बाल बचे

आशीष की गोलीबारी में एसटीएफ के तीन जवान जेपी राय, प्रभंजन, और रोहित बाल-बाल बचे। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने फायरिंग की, जिसमें आशीष गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी उसकी मौत की पुष्टि की। मौके से पुलिस ने एक एके-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, 36 जिंदा कारतूस, और एक मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

Encounter: आशीष रंजन का आपराधिक इतिहास

धनबाद के जेसी मल्लिक रोड का निवासी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह कई संगीन अपराधों में वांछित था। वह हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, और गैंगवार जैसी गतिविधियों का मास्टरमाइंड था। वह धनबाद मंडल कारा में 3 दिसंबर 2023 को हुए गैंगस्टर अमन सिंह हत्याकांड का प्रमुख साजिशकर्ता था। सीआईडी जांच में खुलासा हुआ कि आशीष के इशारे पर सुंदर यादव उर्फ रितेश यादव ने जेल के भीतर अमन सिंह की हत्या की थी। इसके अलावा, वह धनबाद में पुलिस मुखबिर नीरज तिवारी, जमीन कारोबारी सरफुल हसन, और रंजीत साहू की हत्याओं में भी वांछित था।

Encounter: पिछले अपराध और जमानत के बाद गतिविधियां

आशीष पहले समीर मंडल हत्याकांड में जेल गया था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसने फिर से अपराध शुरू कर दिए। जेल से बाहर आने के बाद उसने एक ऑडियो-वीडियो के जरिए अमन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। धनबाद पुलिस और सीआईडी उसकी तलाश में थी, और उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। उस पर 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

एसटीएफ की रणनीति और प्रभाव

प्रयागराज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि आशीष की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने संयम और साहस का परिचय दिया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के ‘मिशन अस्मिता’ का हिस्सा है, जिसके तहत संगठित अपराध और माफिया गतिविधियों पर लगाम लगाई जा रही है। इस मुठभेड़ से झारखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर बड़ा打击 पड़ा है।

क्षेत्र में शांति की उम्मीद

आशीष रंजन की मौत से धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में गैंगवार और रंगदारी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस अब उसके सहयोगियों और नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके। यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश और झारखंड पुलिस के बीच समन्वय का भी उदाहरण है।

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