21.5 C
New Delhi
Sunday, October 25, 2026
HomeटेकSpam Calls से मिलेगी राहत! TRAI ने बदले नियम, अब AI लगाएगा...

Spam Calls से मिलेगी राहत! TRAI ने बदले नियम, अब AI लगाएगा स्पैमर्स पर लगाम

नई दिल्ली: Spam Calls और अनचाही व्यावसायिक कॉल से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियां अब AI और Machine Learning आधारित सिस्टम की मदद से संभावित स्पैम नंबरों की पहचान करेंगी। ऐसे नंबरों से जुड़ी जानकारी अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के बीच साझा करने का भी प्रावधान किया गया है।

TRAI के नए नियमों के मुताबिक, अगर एक ही सेंडर से जुड़े 5 या उससे ज्यादा मोबाइल नंबर 10 दिनों के भीतर संदिग्ध स्पैम के तौर पर फ्लैग होते हैं, तो संबंधित सेंडर के खिलाफ आगे की जांच की जा सकती है। जांच के दौरान दोबारा KYC, फिजिकल वैरिफिकेशन और आउटगोइंग सर्विस पर रोक जैसी कार्रवाई की जा सकती है। नियमों का बार-बार उल्लंघन होने पर टेलीकॉम सेवा बंद करने की कार्रवाई भी संभव है।

AI और Machine Learning से होगी स्पैम नंबरों की पहचान

नई व्यवस्था में टेलीकॉम कंपनियां AI और Machine Learning तकनीक का इस्तेमाल करके ऐसे मोबाइल नंबरों की पहचान करेंगी, जिनसे Spam या अनचाही व्यावसायिक कॉल किए जाने की संभावना ज्यादा है। संदिग्ध नंबरों की जानकारी अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ भी साझा की जा सकेगी, ताकि स्पैम गतिविधियों पर व्यापक स्तर पर निगरानी रखी जा सके।

Automated Calls और Robocalls पर भी नए नियम

TRAI ने Automated Calls और Robocalls को लेकर भी नियम तय किए हैं। ऐसी कॉल जो किसी व्यक्ति द्वारा सीधे नंबर डायल करने के बजाय ऐप, सॉफ्टवेयर, ऑटो डायलर या किसी अन्य ऑटोमेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती हैं, इस व्यवस्था के दायरे में आएंगी। इसमें पहले से रिकॉर्ड की गई आवाज और आर्टिफिशियल वॉयस वाली कॉल भी शामिल हैं।

ऐसी कॉल करने वाली कंपनियों या संस्थाओं को अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को इसकी जानकारी पहले से देनी होगी। साथ ही, A2P (Application-to-Person) कॉल के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नंबरों की जानकारी भी ऑपरेटर को उपलब्ध करानी होगी।

जानकारी नहीं दी तो UCC मानी जा सकती है कॉल

अगर कोई संस्था A2P कॉल के बारे में टेलीकॉम ऑपरेटर को पहले से जानकारी नहीं देती है, तो ऐसी कॉल को Unsolicited Commercial Communication (UCC) माना जा सकता है। इसके अलावा कुछ A2P कॉल पर अधिकतम 5 पैसे प्रति मिनट तक टर्मिनेशन चार्ज लगाया जाएगा।

हालांकि, TRAI की ओर से निर्धारित कुछ विशेष नंबरिंग सीरीज और अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत कॉल को इस चार्ज से छूट दी गई है।

140xx और 1600xx सीरीज की कॉल को लेकर भी निर्देश

नए नियमों में कॉल मैनेजमेंट ऐप्स को कुछ निर्धारित नंबरिंग सीरीज से आने वाली कॉल को केवल नंबर सीरीज के आधार पर सीधे Spam बताकर ब्लॉक या फिल्टर करने से रोका गया है। इनमें 140xx, 1600xx और 1601xx सीरीज शामिल हैं।

इन नंबरिंग सीरीज का इस्तेमाल रेगुलेटेड व्यावसायिक और सरकारी संचार के लिए किया जाता है। TRAI का उद्देश्य है कि वैध सरकारी या व्यावसायिक कॉल को केवल नंबरिंग सीरीज के आधार पर Spam समझकर अपने आप ब्लॉक या छिपाया न जाए।

हालांकि, अगर कोई यूजर किसी खास नंबर से कॉल नहीं चाहता है, तो वह उसे अपनी इच्छा के अनुसार व्यक्तिगत रूप से ब्लॉक कर सकता है।

TRAI के इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य स्पैम और अनचाही व्यावसायिक कॉल पर निगरानी मजबूत करना, ऑटोमेटेड कॉलिंग के लिए जवाबदेही तय करना और वैध सरकारी व व्यावसायिक संचार को गलत तरीके से Spam के रूप में फिल्टर होने से बचाना है।

RELATED ARTICLES
New Delhi
broken clouds
21.5 ° C
21.5 °
21.5 °
65 %
2.5kmh
53 %
Sat
21 °
Sun
31 °
Mon
32 °
Tue
33 °
Wed
33 °

Most Popular