Islamabad Bomb Blast: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार को हुए भीषण आत्मघाती बम धमाके ने न केवल 12 निर्दोषों की जान ले ली, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को भी झकझोर दिया है। इस घटना के बाद पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच चल रही तीन वनडे मैचों की सीरीज का दूसरा मैच गुरुवार को रावलपिंडी में रद्द कर दिया गया। धमाके से दहशत में श्रीलंकाई टीम के आठ खिलाड़ियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर स्वदेश लौटने का फैसला किया, जिससे सीरीज पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने तीसरे वनडे को एक दिन आगे बढ़ाकर शुक्रवार को शेड्यूल किया है, जबकि त्रिकोणीय टी20 सीरीज (श्रीलंका, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे) के रद्द होने का खतरा बढ़ गया है।
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Islamabad Bomb Blast: विस्फोट से कई वाहन क्षतिग्रस्त
घटना दोपहर लगभग 12:39 बजे इस्लामाबाद के जी-11 सेक्टर में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के बाहर घटी। एक आत्मघाती हमलावर ने कोर्ट परिसर में घुसने के प्रयास में नाकाम रहने के बाद प्रवेश द्वार के पास पार्क किए पुलिस वाहन के निकट खुद को उड़ा लिया। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, खिड़कियां टूट गईं और सैकड़ों मीटर दूर तक धमाके की गूंज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोर्ट के बाहर सैकड़ों वकील, वादी और स्टाफ मौजूद थे, जब धमाका हुआ। एक वकील खालिद मंडोकेल ने बताया, ‘लोग इधर-उधर भागने लगे, चीख-पुकार मच गई। मैंने सोचा कि छत गिर जाएगी।’
Islamabad Bomb Blast: धमाके में 12 लोगों की मौत
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर राहगीर और कोर्ट पहुंचे लोग शामिल हैं। 27 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर है। पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर ने इसे “सूटिसाइड ब्लास्ट” करार दिया और हमलावर का सिर मिलने की पुष्टि की। जामा-अत-उल-अहरार (जेयूए), जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का एक गुट है, ने हमले की जिम्मेदारी ली। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इसे “भारत-समर्थित तत्वों और अफगान तालिबान प्रॉक्सी” का काम बताया, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शोक व्यक्त किया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को श्रद्धांजलि दी। यह धमाका इस्लामाबाद में 2008 के बाद का सबसे घातक हमला है, जो देश में बढ़ती उग्रवादी हिंसा का प्रतीक बन गया। विश्लेषकों का कहना है कि राजधानी पर हमला “सुरक्षा की अंतिम परीक्षा” है।
Islamabad Bomb Blast: 8 श्रीलंकाई खिलाड़ी स्वदेश लौटे
धमाके ने श्रीलंकाई क्रिकेटरों को हिलाकर रख दिया, खासकर क्योंकि रावलपिंडी इस्लामाबाद से महज 17 किलोमीटर दूर है। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के सूत्रों के अनुसार, आठ खिलाड़ियों ने रावलपिंडी और इस्लामाबाद की निकटता को देखते हुए वापसी की इच्छा जताई। “खिलाड़ी दहशत में हैं। वे घर लौटना चाहते हैं, लेकिन प्रतिस्थापन खिलाड़ी भेजे जाएंगे ताकि सीरीज जारी रहे,” एक एसएलसी अधिकारी ने एएफपी को बताया। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई होटल में जाकर पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया, लेकिन खिलाड़ियों को मनाने में नाकाम रहे।
Islamabad Bomb Blast: दूसरा वनडे रद्द
पहला वनडे मंगलवार को रावलपिंडी में खेला गया था, जहां पाकिस्तान ने छह रनों से रोमांचक जीत हासिल की। सीरीज अब 1-0 से पाकिस्तान के नाम। दूसरा मैच रद्द होने से तीसरा वनडे शुक्रवार को और त्रिकोणीय टी20 (17-29 नवंबर) पर अनिश्चितता बनी हुई है। जिम्बाब्वे की टीम अभी नहीं पहुंची है, लेकिन रद्दीकरण की आशंका है।
2009 लाहौर हमले की काली यादें
यह घटना श्रीलंकाई टीम को 2009 के लाहौर हमले की याद दिला रही है। 3 मार्च को गद्दाफी स्टेडियम जाते वक्त बस पर बंदूकधारियों ने ग्रेनेड और गोलियां चलाईं। कप्तान माहेला जयवर्धने, अजंथा मेंडिस और चमिंडा वास जैसे सात खिलाड़ी घायल हुए, जबकि आठ पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। उस हमले ने पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को 10 साल के लिए ठप कर दिया। टीमें यूएई शिफ्ट हो गईं। 2019 में श्रीलंका ने ही पाकिस्तान का दौरा कर द्वार खोले थे।
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