Rajasthan Police: राजस्थान की प्रतापगढ़ पुलिस ने अवैध ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत शुक्रवार को एक बड़ा झटका दिया। लगभग 5 करोड़ रुपये कीमत की 2 किलोग्राम से अधिक मात्रा में सिंथेटिक ड्रग मेफेड्रोन (एमडी) की खेप जब्त कर ली गई। इस दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) बी. आदित्य के विशेष निर्देशों पर की गई, जो ड्रग नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ में बड़े नेटवर्क का सुराग पाया है, जिसकी जांच तेज कर दी गई है।
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Rajasthan Police: बगड़िया-बरोठा रोड पर नाकाबंदी
शुक्रवार शाम को डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) और हथुनिया पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम बगड़िया-बरोठा रोड पर नाकाबंदी कर रही थी। एसपी आदित्य के मुताबिक, डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (सर्किल प्रतापगढ़) गजेंद्र सिंह राव और स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) इंद्रजीत परमार के नेतृत्व में टीम गहन जांच कर रही थी। इसी दौरान बगड़िया की ओर से एक बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल तेज रफ्तार से आती दिखी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन राइडर भागने की कोशिश करने लगा। टीम ने फौरन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में मोटरसाइकिल पर रखे एक बैग से प्लास्टिक पाउचों में पैक 2 किलोग्राम से अधिक एमडी बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
Rajasthan Police: आरोपी अकबर पठान की गिरफ्तारी
गिरफ्तार तस्कर की पहचान अकबर पठान (40) के रूप में हुई, जो कोटड़ी का निवासी है। पूछताछ में उसने भागने की कोशिश का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। एसपी आदित्य ने बताया कि अकबर ने कबूल किया कि उसने यह ड्रग बगड़िया के बदरू उर्फ पीर मोहम्मद से प्राप्त की थी और इसे कोटड़ी के नमरोज खान पठान के बेटे नयूम को डिलीवर करने जा रहा था। यह खुलासा ड्रग तस्करी के स्थानीय नेटवर्क को उजागर करता है। पुलिस ने अकबर को हिरासत में लेकर हथुनिया थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। बरामद एमडी कंसाइनमेंट और मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई।
Rajasthan Police: पुलिस का ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’
‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान है, जो अवैध ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए शुरू किया गया। एसपी बी. आदित्य ने कहा कि यह सफलता अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पहले भी इस ऑपरेशन के तहत प्रतापगढ़ में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जैसे अक्टूबर में 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी नदीम पठान की गिरफ्तारी। आदित्य ने चेतावनी दी कि ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। पूछताछ से बदरू और नयूम जैसे संदिग्धों की तलाश तेज हो गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए छापेमारी बढ़ा रही है।
Rajasthan Police: टीम के जांबाजों की भूमिका, साइबर सेल की मदद
इस ऑपरेशन में डीएसटी इंचार्ज एएसआई पन्ना लाल ने कांस्टेबल विनोद कुमार, नरेंद्र सिंह, पंकज, संदीप कुमार, हेमेंद्र और प्रतापगढ़ साइबर सेल के रमेश चंद्र ने सराहनीय भूमिका निभाई। साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण कर नेटवर्क के सुराग जुटाए। एसपी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयां युवाओं को ड्रग्स के जाल से बचाने में मदद करेंगी। एमडी जैसी सिंथेटिक ड्रग्स नशे की लत बढ़ाती हैं और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए इनकी तस्करी पर कड़ी निगरानी जरूरी है।
Rajasthan Police: ड्रग तस्करी पर पुलिस का फोकस
राजस्थान में ड्रग तस्करी का नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों से जुड़ा है, जो युवाओं को निशाना बनाता है। इस जब्ती से स्थानीय स्तर पर राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्रोतों पर नजर रखनी होगी। एसपी आदित्य ने अपील की कि नागरिक संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। जांच में लापरवाही पाई गई तो संबंधितों पर कार्रवाई होगी। यह घटना राज्य सरकार के ‘नशामुक्त राजस्थान’ अभियान को मजबूती देगी। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
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