10.1 C
New Delhi
Monday, January 26, 2026
Homeराजस्थानमुंह में पत्थर ठूंसकर लगा दिया था फेवीक्विक: अवैध संबंधों की भेंट...

मुंह में पत्थर ठूंसकर लगा दिया था फेवीक्विक: अवैध संबंधों की भेंट चढ़ा नवजात, मां-पिता गिरफ्तार

Rajasthan Crime: राजस्थान के बिजौलियां क्षेत्र में पत्थरों के बीच मारने की नीयत से छोड़े गए नवजात शिशु के रहस्यमय मामले की गुत्थी शुक्रवार को पुलिस ने सुलझा ली। पुलिस ने एक युवती व उसके पिता को हिरासत में लिया है।

Rajasthan Crime: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलियां क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अवैध संबंधों के कारण जन्मे नवजात शिशु ‘तेजस्व’ को पत्थरों के बीच मारने की नीयत से छोड़ने का रहस्यमय मामला शुक्रवार को पुलिस ने सुलझा लिया। मांडलगढ़ पुलिस ने चित्तौड़गढ़ जिले की 22 वर्षीय अविवाहित युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि बदनामी के डर से उन्होंने यह कृत्य किया। नवजात तेजस्व का भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल के एनआईसीयू में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

Rajasthan Crime: घटना का खौफनाक खुलासा: जंगल में तड़पता मिला मासूम

यह घटना 23 सितंबर को बिजौलियां थाना क्षेत्र के सीता माता कुंड मंदिर के पास जंगल में घटी। एक चरवाहा पशु चरा रहा था, जब उसे पत्थरों के बीच से कमजोर रोने की आवाज सुनाई दी। नजदीक जाने पर उसे खौफनाक दृश्य दिखा—लगभग 15-20 दिन का नवजात शिशु पत्थरों के नीचे दबा हुआ था। उसके मुंह में पत्थर के टुकड़े ठूंस दिए गए थे, और होंठों को फेवीक्विक से चिपका दिया गया था ताकि वह चीख न सके। बच्चे की आंखें रोने से लाल हो चुकी थीं, और वह जीवन-मृत्यु के बीच तड़प रहा था। चरवाहे ने तुरंत ग्रामीणों को बुलाया और 108 एम्बुलेंस की मदद से शिशु को बिजौलियां सरकारी अस्पताल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर उसे भीलवाड़ा जिला अस्पताल के गहन शिशु चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रेफर कर दिया गया।

Rajasthan Crime: संक्रमण का खतरा बरकरार

डॉक्टरों ने बताया कि शिशु को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, मुंह में चोटें आई थीं, और कुपोषण के लक्षण दिख रहे थे। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश शर्मा ने कहा, बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। फेवीक्विक के कारण होंठों में सूजन थी, लेकिन सर्जरी के बाद स्थिति स्थिर हो रही है। हालांकि, संक्रमण का खतरा बरकरार है। नवजात को ‘तेजस्व’ नाम दिया गया है, जो उसके साहस का प्रतीक है।

Rajasthan Crime:अवैध संबंधों का काला अध्याय: बदनामी से डरकर भागे परिवार

मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम मीणा ने बताया कि पीड़ित युवती चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोडगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसके ममेरे भाई से अवैध संबंध हो गए, जिससे वह गर्भवती हो गई। चार महीने बाद जब माता-पिता को पता चला, तो बदनामी के डर से वे परिवार सहित बूंदी जिले के बसोली थाना क्षेत्र के एक गांव में भाग गए। वहां नाम बदलकर किराए का कमरा लिया और मजदूरी शुरू कर दी। पड़ोसियों को उन्होंने झूठा बहाना बताया कि बेटी के पति से अनबन हो गई है और दामाद ने उसे छोड़ दिया है।

गर्भपात का प्रयास रहा विफल

गर्भपात का प्रयास विफल रहा। 4 सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर युवती को बूंदी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बेटे ने जन्म लिया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वे 23 सितंबर को गांव से निकले, बहाना बनाया कि ‘घर जा रहे हैं’। लेकिन वे सीधे बिजौलियां के जंगल पहुंचे। वहां सुनसान जगह पर नवजात के मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से सील कर दिया और पत्थरों के नीचे दबाकर भाग गए। मीणा ने कहा, यह सुनियोजित हत्या का प्रयास था। आरोपी पिता ने बेटी को उकसाया। पूछताछ में युवती ने कबूल किया कि बदनामी से बचने के लिए ऐसा किया।

पुलिस की तत्परता: डीएनए टेस्ट से होगा पुष्टि

पुलिस ने अस्पताल से ही सुराग पकड़ा। बूंदी अस्पताल के रिकॉर्ड से युवती का पता चला, जो बसोली गांव ले गया। वहां छापेमारी में युवती और पिता को हिरासत में लिया गया। भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा, हमने घटना को गंभीरता से लिया। नवजात और युवती का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, ताकि संबंध साबित हो। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बाल हत्या और आईपीसी की अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। फेवीक्विक का खाली पाउच घटनास्थल पर मिला, जो सबूत के रूप में जब्त किया गया

सामाजिक कलंक की भेंट चढ़ रही मासूम जिंदगियां

यह घटना समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और अवैध संबंधों से जुड़े कलंक को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवतियों को गर्भधारण पर सामना करना पड़ता है, जिससे वे चरम कदम उठाती हैं। महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और काउंसलिंग की मांग की। स्थानीय संगठनों ने जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, बदनामी का डर इतना गहरा है कि मां खुद अपने बच्चे को मारने को तैयार हो जाती है। सरकार को हेल्पलाइन और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:-

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लॉन्च: 75 हजार महिलाओं के खाते में आए 10-10 हजार, ऐसे उठाएं इस योजना का फायदा

RELATED ARTICLES
New Delhi
mist
10.1 ° C
10.1 °
10.1 °
76 %
1.5kmh
17 %
Sun
14 °
Mon
22 °
Tue
21 °
Wed
19 °
Thu
22 °

Most Popular