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Sunday, June 7, 2026
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पुलिस का सबसे बड़ी कार्रवाई! कंबोडिया से चल रही थी 1100 करोड़ की ठगी, 36000 सिम कार्ड देख उड़े होश

jodhpur Police:जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए भारत, कंबोडिया और मलेशिया में फैले 1100 करोड़ रुपये के साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

Jodhpur Police: राजस्थान के जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। यह गिरोह मुख्य रूप से कंबोडिया से संचालित हो रहा था और भारत, कंबोडिया, सिंगापुर तथा मलेशिया में फैला हुआ था। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने किया।

Jodhpur Police: साइबर ठगी का जाल कैसे फैला?

जांच में सामने आया कि अपराधी भारतीय सिम कार्डों का अवैध इस्तेमाल कर व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। वे पीड़ितों को नकली निवेश योजनाओं और ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीमों का लालच देते थे। तकनीकी जांच से पता चला कि ये कॉल और मैसेज कंबोडिया के प्रीआ सिहानूक (सिहानौकविले) क्षेत्र से भेजे जा रहे थे, जबकि इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर भारतीय थे।

Jodhpur Police: 36000 सिम कार्ड देख उड़े होश

पुलिस ने करीब 2.30 लाख मोबाइल सिम कार्डों के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि लगभग 36,000 भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में रोमिंग कर रहे थे। इनमें से 5,300 सिम कार्डों का इस्तेमाल भारत के विभिन्न राज्यों में 1,100 करोड़ रुपये की ठगी के लिए किया गया। गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था—ग्राहक को एक सिम कार्ड दिया जाता, जबकि दूसरा सिम गिरोह अपने पास रख लेता। बाद में ये अतिरिक्त सिम कार्ड महंगे दामों पर बेचे जाते और मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजे जाते, जहां उनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड में किया जाता।

Jodhpur Police: गिरफ्तारियां और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

अब तक इस मामले में पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें हेमंत पंवार (सिम वितरक, नागौर), रामावतार राठी (सिम बिक्री एजेंट), हरीश मलाकार (अजमेर), मोहम्मद शरीफ (जोधपुर) और संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब) शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में छह गिरफ्तारियों का जिक्र है। इसके अलावा चार मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है, जो सिम कार्ड कंबोडिया पहुंचाने में शामिल थे।

jodhpur Police: प्रभावित राज्यों में ठगी की राशि

यह फ्रॉड पूरे भारत में फैला था। सबसे अधिक प्रभावित राज्य इस प्रकार हैं:

  • महाराष्ट्र: 248.21 करोड़ रुपये
  • तमिलनाडु: 225.50 करोड़ रुपये
  • दिल्ली: 73.67 करोड़ रुपये
  • तेलंगाना: 73.43 करोड़ रुपये
  • कर्नाटक: 71.79 करोड़ रुपये
  • राजस्थान: 25.71 करोड़ रुपये

ये आंकड़े विभिन्न राज्यों से दर्ज शिकायतों और जांच के आधार पर सामने आए हैं। ठगी का पैमाना इतना बड़ा था कि इससे लाखों लोग प्रभावित हुए।

Jodhpur Police: पुलिस की आगे की कार्रवाई

जोधपुर पुलिस अब लगभग 5,000 संदिग्ध सिम कार्डों और उनके जुड़े व्हाट्सएप अकाउंट्स को ब्लॉक करने की प्रक्रिया में जुटी है। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की मदद से तकनीकी जांच की गई। एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जो मामले की गहन जांच करेगी। टीम अन्य आरोपियों, लाभार्थियों और वित्तीय लेनदेन के नेटवर्क का पता लगाएगी। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और आगे भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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