Bhiwadi Factory Fire Incident: राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में खुशखेड़ा-करौली इलाके में सोमवार सुबह एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग और विस्फोट ने 8 मजदूरों की जान ले ली। हादसा इतना भयावह था कि कई मजदूर जिंदा जल गए, जबकि गंभीर रूप से झुलसे 4 मजदूरों को दिल्ली के उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया गया है। फैक्ट्री संचालक फरार है और प्रशासन ने इसे सील कर दिया है।
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Bhiwadi Factory Fire Incident: हादसे का भयावह मंजर
सुबह करीब 9:30 बजे खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इस फैक्ट्री में पटाखे बनाने के दौरान अचानक धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 5 किलोमीटर तक धमाकों की गूंज सुनाई दी और आग व काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दिया। फैक्ट्री के मुख्य हॉल में शटर बंद थे और खिड़कियां कांच वाली थीं, जिससे मजदूर बाहर नहीं निकल पाए। आग इतनी तेज फैली कि कई मजदूर फंसकर जिंदा जल गए। दमकल और राहत टीमों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी थी। शव इतने झुलसे थे कि पहचान के लिए DNA टेस्ट की जरूरत पड़ी।
Bhiwadi Factory Fire Incident: मृतकों में ज्यादातर बिहार के
जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में से 5-6 बिहार के निवासी थे। कुछ रिपोर्ट्स में 7 बिहार के मजदूरों की मौत की बात कही गई है। ये मजदूर रोजगार की तलाश में राजस्थान आए थे, लेकिन अवैध फैक्ट्री में काम करते हुए उनकी जान चली गई। घायलों में भी बिहार के मजदूर शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
Bhiwadi Factory Fire Incident: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का फैसला
हादसे के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 3-3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह राशि तुरंत परिवारों तक पहुंचाई जाए। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। प्रशासन को राहत, पुनर्वास और जांच कार्य तेज करने के आदेश दिए गए हैं।
Bhiwadi Factory Fire Incident: बिहार सीएम नीतीश कुमार का ऐलान
चूंकि मृतकों में ज्यादातर बिहार के थे, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बिहार के 5 पुष्ट मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
Bhiwadi Factory Fire Incident: अवैध फैक्ट्री और प्रशासन की लापरवाही
एनसीआर क्षेत्र में पटाखों के उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद यह फैक्ट्री अवैध रूप से पटाखे बना रही थी। मूल रूप से यह गारमेंट फैक्ट्री थी, बाद में ऑटो कंपोनेंट और मेटल ट्रीटमेंट प्लांट चला, और 2023 के बाद पटाखा निर्माण शुरू हो गया। रीको और स्थानीय प्रशासन की नाकामी साफ दिख रही है, क्योंकि उत्पादन बदलता रहा लेकिन कोई जांच नहीं हुई। फैक्ट्री में 20 से कम मजदूर काम करते थे, जिस कारण फैक्ट्री एक्ट के दायरे से बाहर थी। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक, मैनेजर, ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मैनेजर अभिनंदन को हिरासत में लिया गया है।
Bhiwadi Factory Fire Incident: जांच और आगे की कार्रवाई
प्रभारी जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अवैध फैक्ट्रियों की जांच तेज होगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसा औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है।
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