बीकानेर : राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नई रेल लाइनों का बड़ा प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस योजना के तहत सीमावर्ती जिले बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर को नई रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। साथ ही डिफेंस कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में भी सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने के लिए चल रहे रेल परियोजनाओं के कार्यों पर घोषणा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अनूपगढ़ से लेकर बाड़मेर तक के शहर-कस्बों और गांवों को रेलवे लाइन से जोड़कर डिफेंस लाइन बिछाने पर काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावार भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक बॉर्डर के सामांतर रेलवे नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है।
इन जिलों में कार्य प्रगति पर
संसद में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे वर्तमान में अभूतपूर्व विस्तार और आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में 2.78 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड बजटीय आवंटन से इसे सशक्त बनाया गया है। राजस्थान में बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्रों में नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए कार्य अलग-अलग चरणों में प्रगति पर है।
सामरिक संपर्क को सुदृढ़ बनाने पर बल
रेल मंत्री वैष्णव ने सीमावर्ती और सामरिक क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी पर विशेष बल देते हुए सामरिक संपर्क बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क को मजबूत करने के लिए कई रेल परियोजनाएं शुरू की गई है। जो सामरिक आवाजाही और क्षेत्रीय विकास दोनों को बढ़ावा देगी। जम्मू-कश्मीर में बारामूला-उरी विस्तार (डीपीआर चरण), काजीगुंड-बडगाम दोहरीकरण और जम्मू-राजौरी-पुंछ कनेक्टिविटी के लिए सर्वेक्षण कार्य आगे बढ़ाया गया है।
यहां बिछेगी नई रेल लाइनें
रेल मंत्री ने कहा कि उत्तरी और पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में अनुपगढ़ खाजूवाला, जैसलमेर-बाड़मेर-भीलडी तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर रेल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।
अनूपगढ़-बीकानेर को जोड़ने के लिए 187 किलोमीटर नई रेल लाइन के लिए 2277 करोड़ रुपए के निर्माण कार्य की डीपीआर तैयार की गई है। जो स्वीकृति के आगामी चरण में है। इसके साथ ही जैसलमेर-भाभर/भीलड़ी वाया बाड़मेर 380 किलोमीटर तथा खाजूवाला-जैसलमेर 260 किलोमीटर नई रेल के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य चल रहा है।
