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Friday, April 4, 2025
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Waqf Amendment Bill: लोकसभा में 12 घंटे की तीखी बहस के बाद वक्फ बिल 288/232 मतों से पास

Waqf Amendment Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई।

Waqf Amendment Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। यह विधेयक 288 के मुकाबले 232 मतों से पारित किया गया। इससे पहले, इस पर करीब 12 घंटे की लंबी बहस चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को पेश किया और इसे मुस्लिम समुदाय के हित में बताया। इसके साथ ही, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को निरस्त करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

Waqf Amendment Bill: विपक्ष का विरोध और मत विभाजन की मांग

जब किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार के लिए प्रस्ताव रखा, तो विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध किया और मत विभाजन की मांग की। विपक्ष का आरोप था कि यह विधेयक वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता पर हमला करता है और सरकार मुस्लिम धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। विपक्षी दलों ने दावा किया कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार अल्पसंख्यकों की संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि मत विभाजन से पहले लॉबी को साफ किया गया था और नए संसद भवन में शौचालय की व्यवस्था लॉबी में ही है, इसलिए सदस्यों को वहीं से अंदर आने दिया गया। इसके बावजूद विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए।

विधेयक में शामिल महत्वपूर्ण प्रावधान

सरकार ने इस विधेयक में कुछ संशोधन जोड़े, जिसमें खंड 4ए और 15ए शामिल किए गए। वहीं, विपक्षी दलों द्वारा प्रस्तावित कई संशोधनों को ध्वनि मत से अस्वीकृत कर दिया गया।

रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य एन.के. प्रेमचंद्रन ने वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रावधान पर संशोधन प्रस्तावित किया था, लेकिन यह 231 के मुकाबले 288 मतों से खारिज हो गया।

Waqf Amendment Bill: विपक्ष और सरकार के तर्क

विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के सांसदों ने इसे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने वाला कदम बताया। सरकार का दावा है कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और उनका सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

वहीं, विपक्षी दलों ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि यह मुस्लिम समाज की संपत्तियों को जबरन सरकार के नियंत्रण में लाने का प्रयास है। एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए इसकी प्रति फाड़ दी।

Waqf Amendment Bill: गृह मंत्री अमित शाह का बयान

चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक पूरी तरह से कानूनी रूप से सही है और इससे किसी भी समुदाय को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाकर मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहा है। शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि इन फैसलों से अल्पसंख्यकों को किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है।

कांग्रेस का रुख और गौरव गोगोई का बयान

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह विधेयक संविधान की मूल भावना पर हमला करता है। उन्होंने कहा, आज सरकार एक समुदाय की जमीन पर नजर गड़ाए हुए है, कल वह अन्य अल्पसंख्यकों की संपत्तियों को भी निशाना बनाएगी। विधेयक में सुधार की जरूरत है, लेकिन जिस तरीके से इसे प्रस्तुत किया गया है, वह गलत है।

विधेयक के पीछे सरकार की मंशा

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का बड़ा हिस्सा अनियंत्रित और भ्रष्टाचार की चपेट में है। उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनकी कुल आय मात्र 163 करोड़ रुपये थी। 2013 में इस आय में मामूली वृद्धि हुई और यह 166 करोड़ रुपये तक पहुंची। सरकार का मानना है कि इस विधेयक से इन संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी और उनका सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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