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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन

Suresh Kalmadi Death: सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे भारतीय वायुसेना में पायलट रहे।

Suresh Kalmadi Death: वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार तड़के निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। परिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

Suresh Kalmadi Death: अंतिम संस्कार की व्यवस्था

कलमाड़ी के पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने इलाके में स्थित उनके निवास कलमाड़ी हाउस में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में किया जाएगा। वे अपनी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू, दो विवाहित पुत्रियों, दामादों तथा पोते-पोतियों से जीवित हैं।

Suresh Kalmadi Death: राजनीति और खेल प्रशासन में लंबा सफर

सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे भारतीय वायुसेना में पायलट रहे। 1960 के दशक में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से प्रशिक्षण लेकर वे वायुसेना में शामिल हुए। उन्होंने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में हिस्सा लिया। छह साल वायुसेना में सेवा देने के बाद वे एनडीए में ट्रेनर भी रहे।

राजनीति में उनकी एंट्री संजय गांधी के माध्यम से हुई। 1970 के दशक में वे पुणे युवक कांग्रेस के अध्यक्ष बने और बाद में महाराष्ट्र युवक कांग्रेस के प्रमुख। 1982 से 2004 तक वे राज्यसभा सदस्य रहे और 2004 से 2014 तक पुणे से लोकसभा सांसद। नरसिम्हा राव सरकार में वे रेल राज्य मंत्री रहे। पुणे के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही—पुणे फेस्टिवल की शुरुआत, पुणे इंटरनेशनल मैराथन और शहर के बुनियादी ढांचे के कई प्रोजेक्ट उनके प्रयासों का नतीजा हैं।

खेल प्रशासन में कलमाड़ी का नाम बड़ा रहा। 1996 से 2011 तक वे भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे। उन्होंने 1994 में पुणे में नेशनल गेम्स, 2008 में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स और सबसे बड़ा—2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन कराया। आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने खेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, जिससे दिल्ली का इंफ्रास्ट्रक्चर बदला। हालांकि, आयोजन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।

Suresh Kalmadi Death: कॉमनवेल्थ गेम्स विवाद और कानूनी लड़ाई

2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास पैदल पुल ढहने की घटना और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने कलमाड़ी को विवादों में घेर लिया। सीबीआई ने जांच की और 2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। वे करीब 10 महीने जेल में रहे, बाद में दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिली। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अप्रैल 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली, जिसमें सबूतों के अभाव में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। इस फैसले ने 15 साल पुराने विवाद पर विराम लगा दिया।

विवाद के बाद कलमाड़ी ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। हालांकि, पुणे में उनकी लोकप्रियता बरकरार रही और खेल जगत में उनका योगदान याद किया जाता है।

Suresh Kalmadi Death: शोक संदेश और विरासत

कांग्रेस पार्टी और खेल जगत से कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत हुआ है। कलमाड़ी ने पुणे को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया, लेकिन विवादों ने उनकी विरासत को जटिल बना दिया। फिर भी, उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता।

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