Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ऐतिहासिक बदलाव! 19 जनवरी 2026 को नितिन नवीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। वे जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी बने हैं, जो 2020 से इस पद पर थे। 45 वर्षीय नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। चुनाव प्रक्रिया में वे एकमात्र उम्मीदवार थे और निर्विरोध चुने गए। नामांकन 19 जनवरी को दाखिल हुआ और 20 जनवरी को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया जाएगा।
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Nitin Nabin: पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक ने किया समर्थन
राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने घोषणा की, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नाम – नितिन नवीन का प्रस्तावित किया गया है। उनके नामांकन में 37 सेट प्रस्ताव आए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। कार्यक्रम में कई मुख्यमंत्री जैसे योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी, प्रमोद सावंत, पेमा खांडू और पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
Nitin Nabin: कौन हैं नितिन नवीन? राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची (अब झारखंड) में हुआ। वे राजनीतिक परिवार से हैं – पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक थे, जिनकी 2006 में मौत के बाद नवीन ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़कर राजनीति में प्रवेश किया।
- शिक्षा: 1996 में पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल से 10वीं, 1998 में दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट।
- विवाह: दीपमाला श्रीवास्तव से, एक बेटा और एक बेटी।
- जाति: कायस्थ समुदाय से, जो राजनीतिक रूप से न्यूट्रल माना जाता है।
नवीन भाजपा युवा मोर्चा से उभरे। वे भाजयुमो के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। 2006 में मात्र 26 साल की उम्र में पटना वेस्ट (अब समाप्त) से उपचुनाव जीतकर विधायक बने। उसके बाद बांकीपुर सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार जीते – कुल पांच बार विधायक।
बिहार सरकार में वे सड़क निर्माण (PWD) मंत्री रह चुके हैं। संगठन में उनकी मेहनत और समन्वय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। पार्टी सूत्र उन्हें “मेहनती, राजनीतिक जिज्ञासु, पार्टी फर्स्ट” मानसिकता वाला बताते हैं।
Nitin Nabin: प्रमुख उपलब्धियां
2023 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: नवीन को प्रभारी बनाया गया। सर्वे कांग्रेस की जीत बता रहे थे, लेकिन भाजपा ने भूपेश बघेल सरकार को उखाड़ फेंका। उनकी सूक्ष्म योजना, संगठनात्मक बदलाव और माइक्रो-लेवल कोऑर्डिनेशन की सराहना हुई।
दिल्ली में वापसी: लगभग तीन दशक बाद भाजपा को दिल्ली में मजबूत स्थिति दिलाई।
ये सफलताएं उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने में अहम रहीं। दिसंबर 2025 में वे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने, जो अध्यक्ष पद के लिए ट्रायल था।
पीढ़ीगत बदलाव और भविष्य की रणनीति
नवीन की नियुक्ति भाजपा में युवा और नई ऊर्जा का संकेत है। पार्टी कांग्रेस (मल्लिकार्जुन खड़गे, 84 वर्ष) से अलग दिखाना चाहती है। आने वाले चुनाव – पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, उत्तर प्रदेश और 2029 लोकसभा – में संगठन मजबूत करने पर फोकस रहेगा। पार्टी सूत्र कहते हैं, “नवीन चुनौतियां संभालने में माहिर हैं, सीनियर्स को साथ लेकर चलेंगे।”
भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नवीन का सफर बिहार से राष्ट्रीय पटल तक की कहानी है। यह फैसला पार्टी की लंबी रणनीति का हिस्सा है – 2029 में चौथी बार केंद्र में वापसी का लक्ष्य।
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