NPS Vatsalya Scheme: बच्चों के दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लॉन्च की गई NPS वात्सल्य योजना में जनवरी 2026 में महत्वपूर्ण अपडेट आया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने 7 जनवरी 2026 को NPS Vatsalya Scheme Guidelines 2025 जारी की हैं, जो पुराने नियमों को supersede करती हैं। ये गाइडलाइंस सिस्टम तैयार होने के बाद प्रभावी होंगी और योजना को अधिक आकर्षक बनाने के लिए आंशिक निकासी, निवेश सीमा, एग्जिट और एग्जिट नियमों में लचीलापन लाया गया है।
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NPS Vatsalya Scheme: NPS वात्सल्य क्या है?
यह योजना यूनियन बजट 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित की गई थी और 18 सितंबर 2024 को लॉन्च हुई। यह नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का विशेष वर्जन है, जो 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग बच्चों के लिए है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक बच्चे के नाम पर अकाउंट खोलते और मैनेज करते हैं, जबकि बच्चा ही एकमात्र लाभार्थी होता है। योजना का उद्देश्य कम उम्र से बचत शुरू कर कंपाउंडिंग के जरिए बड़ा कोष बनाना है। उदाहरण के तौर पर, अगर हर महीने सिर्फ ₹1000 निवेश किया जाए और 9% सालाना रिटर्न मिले, तो 60 साल बाद ₹11.57 करोड़ तक पहुंच सकता है।
NPS Vatsalya Scheme: पात्रता और अकाउंट खोलने की प्रक्रिया
- कोई भी भारतीय नागरिक बच्चा (18 वर्ष से कम), NRIs और OCIs शामिल।
- माता-पिता/अभिभावक eNPS पोर्टल, बैंक, PoP या ऑफलाइन के जरिए अकाउंट खोल सकते हैं।
- न्यूनतम शुरुआती योगदान ₹250 (कुछ स्रोतों में ₹1000), सालाना न्यूनतम भी ₹250।
- अधिकतम योगदान पर कोई सीमा नहीं। रिश्तेदार या दोस्त गिफ्ट के रूप में भी योगदान दे सकते हैं।
- बच्चे को PRAN (Pension Retirement Account Number) जारी होता है।
NPS Vatsalya Scheme: निवेश विकल्प और एसेट एलोकेशन
- PFRDA ने इक्विटी में ज्यादा लचीलापन दिया है। अभिभावक विभिन्न पेंशन फंड चुन सकते हैं:
- इक्विटी से जुड़े निवेश: 50-75% तक।
- गवर्नमेंट सिक्योरिटीज: 15-20%।
- डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स: 10-30%।
- शॉर्ट-टर्म डेब्ट/मनी मार्केट: 10% तक (कोष ₹5 करोड़ से ज्यादा होने पर)।
- यह लंबे समय के ग्रोथ के लिए इक्विटी-ओरिएंटेड बनाता है।
NPS Vatsalya Scheme: निकासी (Withdrawal) के नए नियम
- आंशिक निकासी: अकाउंट खुलने के 3 साल बाद संभव (पहले 5 साल थे)।
- कुल योगदान (रिटर्न्स को छोड़कर) का 25% तक निकाला जा सकता है।
- उद्देश्य: शिक्षा, चिकित्सा उपचार, निर्दिष्ट विकलांगता (75%+), गंभीर बीमारी।
- सीमा: 18 वर्ष से पहले अधिकतम 2 बार, 18-21 वर्ष के बीच 2 बार।
- यह बदलाव बच्चों की जरूरतों (जैसे उच्च शिक्षा या मेडिकल इमरजेंसी) में मदद करता है।
- एग्जिट और 18 वर्ष बाद क्या होगा?
NPS Vatsalya Scheme: 18 वर्ष पर नया KYC अनिवार्य
- 21 वर्ष तक विकल्प: NPS वात्सल्य में जारी रखें, All Citizen Model या अन्य NPS Tier-I में ट्रांसफर, या एग्जिट।
- एग्जिट पर: 80% तक एकमुश्त निकासी, कम से कम 20% एन्युटी में।
- अगर कुल कोष ₹8 लाख या कम: पूरी राशि निकाल सकते हैं।
- अगर कोई विकल्प नहीं चुना तो ऑटोमैटिक हाई-रिस्क (इक्विटी) में शिफ्ट।
- यह नियम पहले से ज्यादा फ्लेक्सिबल हैं, जिससे योजना आकर्षक बनी है।
NPS Vatsalya Scheme: अन्य विशेषताएं और लाभ
- टैक्स बेनिफिट: नियमित NPS की तरह Section 80C/80CCD के तहत छूट (ओल्ड टैक्स रिजीम में)।
- कम्युनिटी वर्कर्स (आंगनवाड़ी, ASHA, बैंक सखी) को प्रोत्साहन, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
- चार्जेस: नियमित NPS जैसी।
NPS वात्सल्य अब बच्चों के लिए सबसे बेहतर लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम बन गई है, जहां कम निवेश से बड़ा कोष बन सकता है और जरूरत पड़ने पर निकासी भी संभव है। PFRDA के नए नियमों से योजना अधिक यूजर-फ्रेंडली और सुरक्षित हो गई है। अभिभावकों को सलाह है कि जल्दी शुरू करें, क्योंकि कंपाउंडिंग का जादू कम उम्र में सबसे ज्यादा काम करता है। अधिक जानकारी के लिए eNPS पोर्टल या PFRDA वेबसाइट देखें।
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