Road Accident: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क हादसे ने पांच परिवारों को उजाड़ दिया। महाराष्ट्र पंजीकरण वाली एक स्विफ्ट डिजायर सेडान कार (MH-02-FE-XXXX) एलिवेटेड हिस्से से रेलिंग तोड़ते हुए माही नदी के पास करीब 70 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और सभी पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
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Road Accident: मृतकों में 15 साल का लड़का और 70 साल का बुजुर्ग शामिल
मृतकों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी यात्री मुंबई और गुजरात के रहने वाले थे। मरने वालों में एक 15 वर्षीय किशोर और 70 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं। अन्य तीन शवों की उम्र 30 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि ये लोग दिल्ली से मुंबई लौट रहे थे। वाहन से अभी तक कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, इसलिए नाम-पते की पुष्टि के लिए महाराष्ट्र और गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
Road Accident: रावटी थाना क्षेत्र में माही नदी पुल के आगे हुआ हादसा
हादसा रावटी पुलिस थाना क्षेत्र के भेटिया-भीमपुरा के बीच माही नदी पुल से ठीक 200 मीटर आगे हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के ऊंचे हिस्से पर अचानक तेज आवाज आई। जब लोग दौड़े तो देखा कि रेलिंग टूटी हुई है और नीचे खाई में कार का मलबा बिखरा पड़ा है। सूचना मिलते ही रावटी पुलिस, अग्निशमन विभाग और NHAI की टीम मौके पर पहुंची।
रावटी थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह गडरिया ने बताया, ‘कार काफी तेज गति से थी। संभवतः चालक को झपकी आई या उसने अचानक कोई गलत मोड़ लिया। कोहरे की हल्की चादर भी थी, जिससे विजिबिलिटी कम थी। कार पहले रेलिंग से टकराई, फिर उसे तोड़ते हुए नीचे जा गिरी।’
Road Accident: तीन घंटे तक रहा ट्रैफिक ठप, क्रेन से निकाले शव
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर मुंबई की तरफ जाने वाला लेन पूरी तरह बंद हो गया। क्रेन की मदद से मलबा हटाने और शव निकालने में करीब साढ़े तीन घंटे लगे। इस दौरान वाहनों को सर्विस लेन से डायवर्ट किया गया। दोपहर 12 बजे तक यातायात सामान्य हुआ। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रतलाम भेजा गया है।
Road Accident: एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे हादसे, सेफ्टी की मांग तेज
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद से यह क्षेत्र दुर्घटना-संवेदनशील बनता जा रहा है। पिछले छह महीनों में इस स्ट्रेच पर 8 से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें 20 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोग और ट्रक चालक लगातार मांग कर रहे हैं कि एलिवेटेड हिस्सों पर मजबूत मेटल बीम बैरियर लगाए जाएं और स्पीड लिमिट को सख्ती से लागू किया जाए।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि हादसे वाली जगह पर पहले क्रैश बैरियर लगे थे, लेकिन कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह उन्हें तोड़ते हुए निकल गई। अब पूरे स्ट्रेच पर सेफ्टी ऑडिट करवाया जाएगा।
परिवारों से संपर्क, कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (तेज एवं लापरवाही से वाहन चलाना) और 106(1) (लापरवाही से मौत कारित करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। चूंकि कोई भी जीवित नहीं बचा, इसलिए यह एक दुर्घटना का केस माना जा रहा है। पुलिस अब वाहन के नंबर से मालिक का पता लगा रही है और परिजनों को सूचना दी जा रही है।
रतलाम कलेक्टर भूपेंद्र गुप्ता और एसपी गौरव तिवारी ने घटनास्थल का दौरा किया और परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने लाता है।
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