Indore Water Tragedy: देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा जीतने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सीवरेज लाइन से पानी में गंदगी मिलने से डायरिया और उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला, जिसमें अब तक 10 से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 4 मौतें स्वीकारी गई हैं, जबकि मेयर ने 10 और स्थानीय रिपोर्ट्स में 15 मौतों की बात कही जा रही है। 200 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 32 आईसीयू में हैं।
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Indore Water Tragedy: 10 दिनों में 1400 से ज्यादा लोग बीमार
भागीरथपुरा में मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज से सीवरेज का पानी मिल गया, जिसकी वजह से पिछले 10 दिनों में 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़े। लैब रिपोर्ट्स में बैक्टीरियल कंटामिनेशन की पुष्टि हुई है। एक पुलिस चौकी के ऊपर बने टॉयलेट से सीवेज लीक होकर पाइपलाइन में घुसा। निवासियों ने महीनों से बदबूदार पानी की शिकायत की थी, लेकिन अनदेखी हुई। एक छह महीने के बच्चे समेत कई बुजुर्गों की जान गई।
Indore Water Tragedy: सीएम की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को हाई-लेवल मीटिंग के बाद बड़ा एक्शन लिया। इंदौर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग के इंचार्ज सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। नगर आयुक्त दिलीप कुमार यादव का ट्रांसफर कर दिया गया। सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सख्त कार्रवाई हो रही है।” पहले भी कुछ जूनियर अधिकारियों को सस्पेंड या बर्खास्त किया गया था।
Indore Water Tragedy: मौतों के आंकड़ों में विरोधाभास
सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें सिर्फ 4 मौतें स्वीकारी गईं – सभी 60 साल से ज्यादा उम्र के। इनमें उर्मिला (28 दिसंबर), तारा (60) और नंदा (70) (30 दिसंबर), हीरालाल (65) (31 दिसंबर) शामिल हैं। रिपोर्ट में 294 मरीज भर्ती होने, 93 डिस्चार्ज और 201 अभी अस्पताल में होने की बात कही गई। हालांकि, मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी मिली है। स्थानीय रिपोर्ट्स और परिजनों के अनुसार आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जनवरी तय की है और साफ पानी की सप्लाई बढ़ाने के आदेश दिए।
Indore Water Tragedy: उमा भारती की तीखी आलोचना
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम उमा भारती ने घटना को “महापाप” करार देते हुए सरकार पर हमला बोला। एक्स पर पोस्ट्स में उन्होंने कहा, “2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी से मौतें पूरे राज्य, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्म और अपमान हैं। सबसे स्वच्छ शहर में ऐसी बदसूरती और जहर मिला पानी कितनी जानें ले रहा है।” उन्होंने 2 लाख की सहायता को अपर्याप्त बताया और कहा कि जीवन की कीमत इससे ज्यादा है। बिना नाम लिए उन्होंने संकट संभालने के तरीके पर सवाल उठाए और इसे सीएम मोहन यादव की “परीक्षा की घड़ी” करार दिया।
अन्य प्रतिक्रियाएं और राहत कार्य
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस ने इसे लापरवाही का नतीजा बताया। राहत में टैंकरों से पानी सप्लाई, पाइपलाइन साफ करने और घर-घर सर्वे चल रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें तैनात हैं और मरीजों का मुफ्त इलाज हो रहा है।
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