30.9 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
Homeदेशडेडलाइन खत्म! भारत पर लागू होगा 50 प्रतिशत टैरिफ, अमेरिका ने जारी...

डेडलाइन खत्म! भारत पर लागू होगा 50 प्रतिशत टैरिफ, अमेरिका ने जारी कर दिया नोटिफिकेशन

Trump Tariffs: ट्रंप ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से भारत-अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का नोटिस जारी किया है, जो 27 अगस्त 2025 की रात 12:01 बजे से लागू होगा। यह फैसला भारत के रूस से तेल खरीदने के कारण लिया गया है, जिसे ट्रंप प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। ट्रंप ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से भारत-अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौता पहले ही अटका हुआ है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के जरिए इस टैरिफ की जानकारी साझा की है।

Trump Tariffs: रूस से तेल खरीद पर विवाद

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत की ओर से रूस से तेल की खरीद यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत की थी। भारत ने 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से तेल आयात में वृद्धि की थी, जो 2024 में 1.75 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। ट्रंप ने इसे “रूसी युद्ध मशीन को ईंधन देना” करार दिया और भारत पर दबाव बनाने के लिए यह टैरिफ लगाया।

Trump Tariffs: भारत की प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस 50 प्रतिशत टैरिफ को अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी 1.4 अरब जनता की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाजार आधारित फैसले ले रहा है। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका ने पहले वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता के लिए भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था। भारत ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा, लेकिन तत्काल जवाबी टैरिफ लगाने के बजाय कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता देगा।

Trump Tariffs: व्यापार वार्ता में गतिरोध

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता ट्रंप की मांगों के कारण रुका हुआ है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को अमेरिकी उत्पादों के लिए पूरी तरह खोल दे, लेकिन भारत ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए अस्वीकार कर दिया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में एक जनसभा में कहा, चाहे कितना भी दबाव आए, हम अपनी ताकत बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान पर जोर देते हुए कहा कि भारत आर्थिक दबावों का सामना करने के लिए तैयार है।

आर्थिक प्रभाव

इस टैरिफ से भारत के 87 बिलियन डॉलर के अमेरिकी निर्यात पर गहरा असर पड़ सकता है, जो देश के जीडीपी का 2.5% है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, यह टैरिफ भारत के अमेरिका को निर्यात में 40-50% की कमी ला सकता है। कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रसायन और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे। हालांकि, फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों को इस टैरिफ से छूट दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टैरिफ लागू रहता है, तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6% से नीचे जा सकती है।

भारत के विकल्प और भविष्य

भारत सरकार जवाबी टैरिफ लगाने के बजाय निर्यातकों के लिए प्रोत्साहन और कूटनीतिक बातचीत पर ध्यान दे रही है। जीटीआरआई के अजय श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि भारत को अगले छह महीनों तक जवाबी कार्रवाई से बचना चाहिए और व्यापार वार्ता को बढ़ावा देना चाहिए। भारत ने रूस के साथ अपनी लंबे समय की दोस्ती पर जोर दिया है और कहा है कि वह तेल आयात के लिए वैकल्पिक स्रोतों जैसे इराक, सऊदी अरब और यूएई पर विचार कर सकता है, लेकिन यह आर्थिक व्यवहार्यता पर निर्भर करेगा। यह मामला भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है, और अगले 21 दिनों में भारत की रणनीति पर वैश्विक नजरें टिकी हैं।

यह भी पढ़ें-

बिहार चुनाव 2025: BJP-JDU में बराबरी की सीटों का समझौता, चिराग को मिला ये ऑफर

RELATED ARTICLES
New Delhi
overcast clouds
30.9 ° C
30.9 °
30.9 °
11 %
2.6kmh
99 %
Thu
37 °
Fri
36 °
Sat
37 °
Sun
37 °
Mon
36 °

Most Popular