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Friday, March 20, 2026
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Tirupati Laddu controversy: ‘आस्था का सवाल, राजनीतिक ड्रामा नहीं चाहते’, जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की नई SIT

Tirupati Laddu controversy: सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम से जुड़े मामले में एक स्वतंत्र विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन करने का निर्णय लिया है।

Tirupati Laddu controversy: सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम से जुड़े मामले में एक स्वतंत्र विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन करने का निर्णय लिया है। अदालत ने यह फैसला आंध्र प्रदेश सरकार की एसआईटी से मामले की जांच छीनकर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जन भावनाओं से जुड़ा हुआ बताया और स्पष्ट किया कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि मंदिर से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता की सही तरीके से जांच हो सके।

तिरुपति लड्डू विवाद की जांच नई SIT करेगी

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम मामले में स्वतंत्र विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया। इस एसआईटी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के एक अधिकारी शामिल होंगे। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि सीबीआई के डायरेक्टर इस जांच की निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जाए।

हम नहीं चाहते कि यह एक राजनीतिक ड्रामा बने : सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा, हम नहीं चाहते कि यह एक राजनीतिक ड्रामा बने। अदालत ने इस मामले की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि यह दुनिया भर के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने यह भी कहा, सौभाग्य या दुर्भाग्य से, इसमें दोनों पक्ष शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की भावनाओं और आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रसादम में मिलावट के दावे को लेकर राजनीति गर्म

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल के दौरान तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम में मिलावट की गई थी। इस दावे को लेकर राजनीति गर्म हो गई है, खासकर जब राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के तहत सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड लैब (CALF) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि भगवान को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

तिरुपति लड्डू विवाद मामले में नए सिरे से जांच के आदेश

यह मामला जन भावनाओं से जुड़ा हुआ है, क्योंकि तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है और इसका प्रसादम श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले को देखते हुए स्वतंत्र एसआईटी का गठन किया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और किसी तरह की राजनीति या धार्मिक भावनाओं का गलत फायदा न उठाया जा सके।

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